कंगना रनौत पर देशद्रोह का आरोप, भीख में आजादी बयान पर पुलिस शिकायत, मामला गंभीर होगी FIR!
बॅालीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने देश को भीख में मिली आजादी वाले बयान को लेकर बड़ी कंट्रोवर्सी को जन्म दिया है। कंगना रनौत के इस बयान के बाद एक तरफ जहां उनसे पद्मश्री लेने की मांग की जा रही है। तो वहीं दूसरी तरफ कंगना रनौत के खिलाफ यह पूरा मामले एफआईआर तक पहुंच गया है।
कंगना रनौत के भारत को आजादी की भीख बताने वाले बयान को देशद्रोह बताते हुए उनके खिलाफ एफआईआर की मांग की जा रही है। आम आदमी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रीति शर्मा मेनन ने मुंबई में कंगना रनौत के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी है।

प्रीति ने अपनी शिकायत में कहा है कि कंगना को आजादी भीख में मिली कहना यह देशद्रोह की श्रेणी में आता है। वह आगे कहती हैं कि कंगना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करके एक्शन लेना चाहिए। प्रीति मेनन ने भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत कंगना रनौत पर कार्रवाई करने की मांग की है।

कंगना रनौत ने एक कार्यक्रम में बोला
ज्ञात हो कि कंगना रनौत ने एक कार्यक्रम में कहा था कि 1947 में आजादी भीख में मिली थी, जबकि असली आजादी 2014 में मिली है। वायरल वीडियो में कंगना रनौत ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई, नेता सुभाष चंद्र बोस इन लोगों की बात करूं तो यह लोग जानते थे कि खून बहेगा। ये भी याद रहे कि हिंदुस्तानी-हिंदुस्तानी का खून न बहाए। उन्होंने आजादी की कीमत चुकाई। यकीनन। पर वो आजादी नहीं थी वो भीख थी। 1947 में आजादी नहीं बल्कि भीख मिली थी, जो आजादी मिली है वो 2014 में मिली है।

कंगना रनौत पर देशद्रोही होने का आरोप
यह बहुत बड़ा विषय है। मैंने बहुत पढ़ा है और एक फिल्म भी बनाई है। कंगना रनौत के इस बयान का विरोध कई राजनीतिक दलों ने भी किया है। कंगना रनौत से कांग्रेस और शिवसेना ने एक बयान जारी कर पद्मश्री वापस लेने की भी मांग की है। कंगना रनौत पर देशद्रोही होने का आरोप भी लगाया गया है।

महात्मा गांधी के त्याग और तपस्या का अपमान
बिग बॅास फेम कविता कौशिक ने भी कंगना रनौत के इस बयान पर अपना गुस्सा जाहिर किया है। कविता कौशिक ने ट्वीट कर लिखा है कि भीख में तो हमारी जैसी थैंकलेस जेनरेशन को अपनी जान दे गए हमारे वीर शहीद। इससे पहले बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने कंगना को लेकर कहा था कि कभी महात्मा गांधी के त्याग और तपस्या का अपमान। कभी उनके हत्यारे का सम्मान। अभी लाखों स्वतंत्रता सेनानियों की कुर्बानियों का तिरस्कार। इस सोच को पागलपन कहूं या देशद्रोह?


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