'धुरंधर जैसी फिल्में...', बैन-बॉयकॉट की मांग पर कंगना रनौत ने कही बड़ी बात, बोलीं- माहौल में कड़वाहट...
Kangana Ranaut On Dhurandhar 2: पिछले कुछ समय से फिल्मों को लेकर विरोध और बॉयकॉट की मांग बढ़ती जा रही है। कई फिल्मों को "प्रोपेगेंडा" बताकर सोशल मीडिया पर उन्हें बैन करने की बातें शुरू हो जाती हैं। इस मुद्दे पर अभिनेत्री कंगना रनौत ने खुलकर अपनी राय रखी है।

बैन और बॉयकॉट सही नहीं
क्वीन और तनु वेड्स मनु जैसी फिल्मों में नजर आ चुकीं कंगना का कहना है कि किसी फिल्म से असहमत होना गलत नहीं है, लेकिन उसे पूरी तरह बैन कर देना या बॉयकॉट करना ठीक नहीं।
उन्होंने कहा कि फिल्म हो या किताब, हर कला का मकसद लोगों के बीच बातचीत शुरू करना होता है। अगर किसी को फिल्म पसंद नहीं आती तो वह अपनी राय रख सकता है, लेकिन उसे देखने से रोकना सही तरीका नहीं है।
फिल्मों पर खुलकर हो चर्चा
कंगना के मुताबिक, फिल्मों पर बहस होनी चाहिए। कुछ फिल्में देशभक्ति की बात करती हैं, तो कुछ जिंदगी के अलग पहलुओं को दिखाती हैं। अपनी फिल्म मणिकर्णिका: द क्वीन ऑफ झांसी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अलग-अलग तरह की कहानियां समाज में सोचने और समझने का मौका देती हैं।
उनका मानना है कि बेवजह की आलोचना या नफरत का माहौल बनाना ठीक नहीं है।
हॉलीवुड ऑफर पर क्या कहा?
कंगना की फिल्म धाकड़ के बाद यह खबरें आई थीं कि उन्हें हॉलीवुड से भी ऑफर मिले हैं। इस पर उन्होंने कहा कि कुछ प्रोजेक्ट्स के लिए बात हुई है, लेकिन वह अपने समय और दिलचस्पी के हिसाब से ही कोई फैसला लेंगी।
कुल मिलाकर, कंगना का कहना है कि मतभेद हो सकते हैं, लेकिन कला को पूरी तरह खारिज करना सही नहीं है।


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