राजद्रोह मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने कंगना रनौत और रंगोली चंदेल को 25 जनवरी तक दी राहत

राजद्रोह तथा अन्य मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली चंदेल के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की सख़्त पुलिस कार्रवाई पर 25 जनवरी तक अंतरिम राहत प्रदान कर दी है। हाईकोर्ट ने मुंबई पुलिस को तब तक दोनों को पूछताछ के लिए तलब नहीं करने का भी निर्देश दिया। बता दें, कंगना पर सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है।

कंगना रनौत और रंगोली चंदेल के ख़िलाफ़ सोशल मीडिया के ज़रिए सांप्रदायिक तनाव फैलाने, अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने, बॉलीवुड और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के ख़िलाफ़ ट्विट्स और इंटरव्यूज़ में अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने के आरोपों को लेकर पुलिस रिपोर्ट दर्ज़ करवायी गयी हैं।

Kangana Ranaut

सरकारी अभियोजक दीपक ठाकरे ने सोमवार को अदालत को सूचित किया कि याचिकाकर्ता आठ जनवरी पुलिस के समक्ष पेश हुई थीं। जहां उनके बयान दर्ज करवाए गए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, ठाकरे ने कहा कि पूछताछ पूरी होने से पहले ही व्यावसायिक कारणों का हवाला देकर वो चली गयीं। हम उन्हें पूछताछ के लिए दोबारा बुलाएंगे। इस पर जस्टिस पिटाले ने कहा कि वो वहां दो घंटों के लिए मौजूद थीं। क्या यह काफ़ी नहीं है?

बता दें, बयान दर्ज करवाने के बाद कंगना ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर कर गुस्सा जाहिर किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें मेंटली, इमोशनली और फ़िजिकली टॉर्चर किया जा रहा है।

कंगना और उनकी बहन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा- 153ए (अलग-अलग धार्मिक, जातीय समूहों में द्वेष को बढ़ावा देना), धारा-295 ए (जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को भड़काना), धारा-124 ए (देशद्रोह) और धारा-34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

More from Filmibeat

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+
X