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    'कंगना रनौत को भी अपने बात कहने और ट्विटर अकाउंट रखने का पूरा अधिकार है' - बॉम्बे हाई कोर्ट

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    कंगना रनौत पिछले कई महीनों से अपने बयानों को लेकर विवाद में बनी हुई हैं। हाल ही एक्ट्रेस के ट्विटर अकाउंट को बंद कर देने की याचिका दायर की गई थी। जिस पर नतीजा सुनाते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि, कंगना को भी ट्विटर पर अपनी बात रखने का अधिकार है। साथ ही कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि क्या सबूत हैं कि कंगना के ट्विट्स से उनके मौलिक अधिकारों की क्षति हुई है।

    यह याचिका मुंबई के अली कासिफ खान देशमुख ने दायर की थी। याचिकाकर्ता का कहना है कि कंगना रनौत के ट्विट से उन्हें मानसिक क्षति हुई है। कंगना द्वारा मुंबई और महाराष्ट्र सरकार पर किए गए ट्विट ठेस पहुंचाने वाले थे। इतना ही नहीं, बल्कि कंगना अपने ट्विट के जरिए समुदायों में दरार पैदा कर रही हैं।

    सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा कि उन्हें अपनी याचिका को पीआईएल में बदलने की जरूरत है.. नहीं तो कोई भी अखबार पढ़कर यह कहते हुए कोर्ट आ जाएगा कि उन्हें ठेस पहुंची है। कोर्ट ने कहा, संवैधानिक अधिकार और संवैधानिक उपाय अलग हैं। यह एक अस्पष्ट याचिका है। अब इस मामले पर 7 जनवरी को सुनवाई होगी।

    4 दिसंबर को बॉम्बे हाइकोर्ट में कंगना रनौत के खिलाफ यह याचिका डाली गई थी। मुंबई के वकील अली काशिफ खान देशमुख ने याचिका में लिखा गया कि कंगना अपने कट्टरवादी विचारों से भरे ट्विट्स से देश की एकता के साथ खिलवाड़ करती हैं। कंगना ने सुप्रीम कोर्ट को 'पप्पू सेना' बताकर अपमान किया है।

    इस खबर पर कंगना ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि मैं देश को एक करने की बात करती हूं और लोग मुझे देश तोड़ने वाला बता रहे हैं।

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    English summary
    Kangana Ranaut also has the right to have a Twitter account and express her thoughts, the Bombay High Court said while hearing a petition.
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