40 साल में जो न हुआ, वो "विक्की डोनर" ने कर दिखाया

भारतीय रेलवे के लिए 40 वर्षो तक सेवा करने वाली कमलेश गिल ने बताया, इन वर्षो के दौरान मैं लोगों के आकर्षण का केंद्र नहीं बन पाई थी, लेकिन मैं 'विक्की डोनर' में अपनी भूमिका से दर्शकों को इम्प्रेस करने में सफल रही साथ ही उन्होंने ये भी कहा, लेकिन अभिनय हमेशा से ही मेरे लिए जुनून रहा है। जब मैं रंगमंच, टीवी या फिल्मों में अभिनय करती हूं, तो मैं अपने आप को जिंदादिल और उत्साहित महसूस करती हूं। 'विक्की डोनर' जैसे किरदार बिलकुल नाम मात्र में लिखे जाते हैं और मैं अपने को बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे यह चैलेंजिंग रोल मिला।
आपको बताते चलें की इस महीने की 20 तारीख को प्रदर्शित हुई इस फिल्म विक्की डोनर' के जरिए अभिनेता जॉन अब्राहम ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा है और इसे अपने सब्जेक्ट आयुष्मान खुराना, अन्नू कपूर और कमलेश गिल की लाजवाब एक्टिंग की बदौलत दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है।
इससे पूर्व इम्तियाज अली की फिल्म 'सोचा ना था' और 'लव आज कल' में अभिनय कर चुकी कमलेश ने कहा कि उन्हें सरकार के साथ काम करके बहुत अच्छा महसूस हो रहा है।
अभिनय को जीवन की पहली प्राथमिकता बताने वाली कमलेश ने कहा, "मैं गठिया से पीड़ित हूं और ज्यादा लम्बे समय तक अपने पैरों पर खड़ी नहीं हो सकती। सुजीत ने मेरा किरदार मेरे स्वास्थ्य के मुताबिक रखा। साथी कलाकार के तौर पर डॉली बहुत ही शानदार हैं। मेरे लिए इस फिल्म की शूटिंग अच्छी रही।"
आगे बताते हुए कमलेश कहती हैं, "मैंने बहुत ज्यादा फिल्में नहीं कर सकी। वर्ष 1980 के दशक में मेरा धारावाहिक 'और भी गम हैं जमाने में' खासा लोकप्रिय हुआ और मुझे बहुत सारी फिल्मों के ऑफ़र मिले। लेकिन तब तक मेरे पति की मृत्यु हो गई थी और मुझे अपना सारा वक्त अपनी बेटियों की परवरिश में लगाना था जो उस समय मेरे लिए एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी थी।"


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