'रंगमंच से जिंदगी नही चल सकती'

कालकी ने कहा, "रंगमंच से मुझे प्यार है लेकिन दुर्भाग्यवश इस दुनिया में केवल रंगमंच से आप अपनी जिंदगी नहीं गुजार सकते हैं। रंगमंच के जरिए आप अपने अभिनय कला को निखार सकते हैं लेकिन इससे आप पर्याप्त मात्रा पैसे कमा नहीं सकते हैं।"
कालकी ने कहा, "अभिनय मेरे लिए योग की तरह है। इससे मुझे खुशी मिलती है। मैं बॉलीवुड और रंगमंच के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास करती हूं।"


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