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    गोविंदा ने कादर खान को कहा पिता, भड़के बेटे सरफराज़, कहा मरने के बाद भी अपने पिता का हाल नहीं पूछा

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    कादर खान ने बेटे सरफराज़ ने बॉलीवुड पर अपना गुस्सा निकालते हुए कहा कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री में से किसी ने एक फोन कर कादर खान का हाल जानने की कोशिश नहीं की। वहीं उन्होंने सोशल मीडिया पर कादर खान को अपने पिता कहने वाले गोविंदा को जमकर लताड़ा। शक्ति कपूर, डेविड धवन और गोविंदा, तीन ऐसे लोग थे जिन्होंने कादर खान के साथ सबसे ज़्यादा काम किया था। 80 और 90 के दशक में ये लोग कादर खान के काफी करीबी कहे जाते थे।

    कादर खान के तीनों बेटे टोरंटो में एक दूसरे के आसपास ही रहते हैं और सरफराज़ का कहना है कि वो अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने बताया कि कादर खान के फैन्स ये जानकर बहुत खुश होंगे कि अपने आखिरी समय में वो उन लोगों के आसपास थे जिनसे वो सबसे ज़्यादा मोहब्बत करते थे।

    kader-khan-s-sons-lashes-at-govinda-and-bollywood-for-faking-their-love-on-social-media

    सरफराज़ ने बताया - मेरे पिता ने हिंदी सिनेमा को बहुत कुछ दिया है। हम उनकी यादों को संभाल कर अच्छे से रखना चाहते हैं। फिलहाल तो हम सब उनके जाने का मातम मना रहे हैं लेकिन मैं उनके दुनियाभर के फैन्स से ये वादा करता हूं कि हम फिल्म इंडस्ट्री को कादर खान को भूलने नहीं देंगे।

    अपना गुस्सा ज़ाहिर करते हुए सरफराज़ ने फिल्म इंडस्ट्री के लिए काफी कड़वी बातें कहीं। दुर्भाग्य से उनकी बातों में पूरी सच्चाई थी। सरफराज़ ने इस बात का भी ज़िक्र किया कि किस प्रकार एक शानदार करियर होने के बावजूद, पूरी इंडस्ट्री ने उनके पिता के कनाडा शिफ्ट होते ही उन्हें इग्नोर कर दिया।

    देखिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंन्स के ज़रिए सरफराज़ ने किस तरह निकाला अपना गुस्सा -

    गोविंदा को लताड़ा

    गोविंदा को लताड़ा

    बिना किसी खेद के अपने पिता के बारे में बात करते हुए सरफराज़ ने गोविंदा पर हंसते हुए कहा कि कोई गोविंदा से जाकर पूछे कि उन्होंने अपने पिता समान को एक्टर का हाल चाल कितनी बार लिया है? इतना ही नहीं, सरफराज़ ने ये भी पूछा कि कादर खान के गुज़र जाने के बाद, गोविंदा ने कितनी बार हमें कॉल किया?

    केवल मीडिया के लिए श्रद्धांजलि

    केवल मीडिया के लिए श्रद्धांजलि

    सरफराज़ का कहना है कि गोविंदा ने मीडिया में भले ही कादर खान को भावभीनी श्रद्धांजलि दी होगी लेकिन उनके पिता की मौत के बाद, गोविंदा ने ढ़ांढस बंधाने तक के लिए अपने पिता समान को एक्टर को परिवार को फोन करना ज़रूरी नहीं समझा।

    ऐसी है फिल्म इंडस्ट्री

    ऐसी है फिल्म इंडस्ट्री

    सरफराज़ ने आगे कहा कि हमारी फिल्म इंडस्ट्री ऐसी ही बन चुकी है। हर जगह, ग्रुप, कैंप बंटे हुए हैं। सबके अपने अपने महकमे हैं। ऐसे में जो आदमी काम करना बंद कर दे और नज़र से दूर हो जाए वो दिल और ज़हन से भी दूर हो जाता है। इन लोगों की इस सोच को नहीं बदला जा सकता।

    बच्चों को दी है सीख

    बच्चों को दी है सीख

    सरफराज़ ने आगे बताया कि हमारे पिता ने अपने बेटों को सिखाया था कि कभी किसी के भी भरोसे मत रहो। उन्होंने हमें ये भी सिखाया था कि किसी से कोई भी उम्मीद रखो ही मत। इसलिए हम यही सीख कर बड़े हुए हैं कि ज़िंदगी में जो ज़रूरी है वो करो लेकिन बदले में किसी चीज़ की इच्छा मत रखो।

    बहुत आहत हैं सरफराज़

    बहुत आहत हैं सरफराज़

    हालांकि सरफराज़ की बातों से समझ में आता है कि वो कितने ज़्यादा आहत हैं। खासतौर से इसलिए कि फिल्म इंडस्ट्री में से किसी ने कादर खान की मौत के बाद, उनके बेटों को एक कॉल करना भी ज़रूरी नहीं समझा। हालांकि सोशल मीडिया पर सबने बड़ी बड़ी बातें की।

    एक ही आदमी से प्यार

    एक ही आदमी से प्यार

    सरफराज़ ने बताया कि बॉलीवुड में इतने लोग हैं जिनसे मेरे पिता बहुत करीब थे। लेकिन एक इंसान जिससे वो सबसे ज़्यादा प्यार करते थे वो थे अमिताभ बच्चन। मैं अपने पिता से पूछता कि सबसे ज़्यादा किसकी याद आती है और वो झट से बोलते थे बच्चन साहब की। मैं जानता हूं कि ये रिश्ता दोतरफा था।

    इमोशनल हुए सरफराज़

    इमोशनल हुए सरफराज़

    इमोशनल होते हुए सरफराज़ ने कहा कि मैं बच्चन साहब तक ये बात पहुंचाना चाहता हूं कि मेरे पिता अपनी आखिसी सांस तक उनका नाम लेते रहे और उन्हें याद करते रहे। गौरतलब है कि कादर खान ने बच्चन साहब की कई फिल्मों के डायलॉग्स लिखे हैं।

    कर दिया गया इगनोर

    कर दिया गया इगनोर

    सरफराज़ ने इल्ज़ाम लगाते हुए कहा कि बॉलीवुड में उन लोगों की कोई इज़्जत नहीं है जो अब फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा नहीं है। भले ही उन लोगों ने सिनेमा में कितना ही योगदान दिया हो। आज कल के नौजवान, बॉलीवुड के पुराने लोगों के साथ फोटो खिंचवाते अकसर दिख जाते हैं।

    कोई नहीं पूछता

    कोई नहीं पूछता

    सऱफराज़ ने अपनी बात पूरी करते हुए कहा कि ये प्यार केवल तस्वीरों तक ही सीमित रह जाता है। इससे ज़्यादा और कुछ भी नहीं। ललिता पवार जी को देखिए या मोहन छोटीजी, वो लोग अकेले ही मर गए और कोई देखने तक नहीं आया।

    किस्मत की दाद

    किस्मत की दाद

    अपने पिता की किस्मत की दाद देते हुए सरफराज़ ने कहा कि मेरे पिता काफी लकी थे कि उनकी देखभाल करने को तीन तीन बेटे थे। लेकिन उन लोगों का क्या जो बिना किसी पैसों के सपोर्ट के, या प्यार के सपोर्ट के मर जाते हैं?

    बहुत दर्द में थे कादर खान

    बहुत दर्द में थे कादर खान

    सरफराज़ ने आगे बताया - मेरे पिता जब दुनिया छोड़कर गए तो उनके चेहरे पर एक मुस्कान थी। मैं उस मुस्कान से दुनिया में सबसे ज़्यादा प्यार करता हूं। मेरे पिता के आखिरी दिन उनके लिए बहुत दर्द भरे थे। वो एक ऐसी बीमारी से जूझ रहे थे जो उनके अंदर कुछ भी करने की शक्ति को मार चुकी थी। उन्हें बेस्ट ट्रीटमेंट यहां टोरंटो में मिला।

    English summary
    Kader Khan's son Sarfaraz Khan hosted a press conference to open up on his father's demise and he called out Govinda for faking closeness with this while In reality GOvinda din't even call to console Kader Khan's family after his demise.

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