»   » लोग उसे केवल TUBELIGHT की वजह से ही जानते हैं - कबीर खान

लोग उसे केवल TUBELIGHT की वजह से ही जानते हैं - कबीर खान

Written By:
Subscribe to Filmibeat Hindi

आखिरकार कबीर खान के सब्र का बांध टूट पड़ा है। वो हर जगह से ये सुन सुन कर थक चुके हैं कि ट्यूबलाइट लिटिल बॉय नाम की एक फिल्म की कॉपी है। अब कबीर खान ने कहा कि ये फिल्म आधिकारिक तौर पर उस फिल्म से ली गई है।

कबीर खान ने साफ किया का ट्यूबलाइट उस फिल्म का रीमेक नहीं है। उस फिल्म का रीमेक बनाया ही नहीं जा सकता है। और अगर मैं ना बताता तो किसी को पता भी नहीं चलता कि फिल्म कहां से ली गई है।

kabir-khan-defends-tubelight-s-adaptation-from-the-little-boy

कबीर खान ने लिटिल बॉय के बारे में बात करते हुए कहा कि ये बड़े ही छोटे स्तर की फिल्म थी जो मैंने कभी देखी थी। मुझे पसंद आई। पूरी फिल्म बाईबल की सीख पर बनी थी।

मैंने इसके बाद, फिल्म को भारतीय संस्करण में ढालने की कोशिश की। और इसलिए इस फिल्म के बारे में लोग इतना जान गए हैं। वरना तो लिटिल बॉय इतनी छोटी फिल्म थी कि लोगों ने देखी भी नहीं है।
[#Hatke: अब ट्यूबलाइट नहीं....100 वाट का बल्ब हो गए हैं सलमान खान!]

अब कबीर खान यहीं गलती कर गए। दरअसल, कबीर खान के बताने से पहले ही हर जगह, ये सामने आ चुका था कि फिल्म लिटिल बॉय से उठाई गई है। ज़ाहिर सी बात है कि लोगों को फिल्म के बारे में पता था।

कबीर खान की बातों में वो पुराने वाले कबीर खान नज़र नहीं आए जो डंके की चोट पर ओरिजिनल फिल्में बनाते थे। क्या वाकई कबीर खान अपनी गलती को छिपाना चाहते हैं?

बहरहाल, हम आपको बता ही देते हैं कि ट्यूबलाइट लिटिल बॉय से कितना मिलती है -

एक खास इंसान, दिमाग से थोड़ा कमज़ोर

एक खास इंसान, दिमाग से थोड़ा कमज़ोर

सलमान खान लिटिल बॉय के लीड किरदार की तरह एक खास तरह के बच्चे हैं, जिनका दिमाग बड़ा नहीं हो पाया है। वो भोले और मासूम हैं। वो पूरे मोहल्ले के फेवरिट बच्चों की तरह!

भाई के साथ गुज़रते हैं दिन

भाई के साथ गुज़रते हैं दिन

सलमान खान के किरदार का नाम है लक्ष्मण जिसकी देख रेख करता है उनका भाई। बड़ा या छोटा फिलहाल नहीं पता। लेकिन दोनों एक दूसरे के लिए सबकुछ हैं और एक दूसरे पर जान छिड़कते हैं।

1964 का युद्ध

1964 का युद्ध

लेकिन इस खुशी के बीच छिड़ता है भारत और चीन के बीच एक युद्ध। दोनों तरफ लाशें बिछती हैं औऱ दोनों ओर से सैनिक अपने परिवारों को छोड़कर युद्ध पर चले जाते हैं।

भाई के जाने का दुख

भाई के जाने का दुख

सलमान खान अपने भाई को जाने देना नहीं चाहते लेकिन हर सैनिक को देश के प्रति अपना कर्तव्य निभाना होता है और सोहेल खान चले जाते हैं, भारत - चीन के युद्ध पर, बॉर्डर पर लड़ाई करने।

भाई की याद में

भाई की याद में

सलमान खान को भाई के जाने के बाद उसकी बहुत याद सताने लगती है और जब वो काफी समय बाद भी वापस नहीं आता तो वो अपने भाई से मिलने के तरीके ढूंढने की कोशिश करते हैं।

मिलता है जादूगर

मिलता है जादूगर

यहां सलमान को मिलता है एक जादूगर (शाहरूख खान) जो सलमान को अपने भाई तक पहुंचने का रास्ता बताता है।

कौन करेगा ये काम

कौन करेगा ये काम

सलमान एक छोटे से कस्बे से हैं और जब सैनिकों की नई भर्ती के बारे में पूछा जाता है तो सलमान खान जादूगर के बताए हुए रास्ते पर चलने के लिए और भाई से मिलने के लिए, सैनिक बनने की कोशिश करते हैं।

चल देते हैं ढूंढने

चल देते हैं ढूंढने

सलमान खान भाई को ढूंढने चल पड़ते हैं। हालांकि भारत - चीन के बीच इस दौरान तनाव काफी बढ़ जाता है। औऱ सलमान को उनकी मंज़िल तक पहुंचने से पहले, कुछ और साथी मिलते हैं।

इंटरवल के बाद क्या!

इंटरवल के बाद क्या!

अब ये तो थी इंटरवल की कहानी। इंटरवल के बाद, कहानी यही होगी, कि सलमान चीन कैसे पहुंचते हैं, इन चीनी लोगों से कैसे मिलते हैं, उनकी मदद से अपना भाई कैसे ढूंढते हैं और सलमान का नन्हा साथी इन सबके बीच क्या करता है!

हो जाइए तैयार

हो जाइए तैयार

तो ये है ट्यूबलाइट की धमाकेदार कहानी। इन सबको कबीर खान ने अपने अंदाज़ में कैसे गढ़ा है, ये देखना दिलचस्प होगा। अब बस इंतज़ार करिए जून में ईद आने का!

English summary
Kabir Khan defends Tubelight's adaptation from The Little Boy.
Please Wait while comments are loading...

रहें फिल्म इंडस्ट्री की हर खबर से अपडेट और पाएं मूवी रिव्यूज - Filmibeat Hindi