आज पंच तत्व में विलीन हुए जॉय मुखर्जी

जॉय का अंतिम संस्कार रजा मुराद, तबस्सुम और परिवार के सदस्यों की उपस्थिति में उनके घर के ही नजदीक वर्सोवा शमशान घाट में किया गया। शव को शमशान घाट ले जाने से पहले उनकी भतीजी काजोल, संगीतकार बप्पी लहरी और अनुभवी कलाकार तबस्सुम उनके घर पर ही मौजूद थे।
शुक्रवार सुबह लीलावती अस्पताल में अपनी अंतिम सांस लेने वाले मुखर्जी ने 1960 के दशक में फिल्म 'लव इन शिमला' से बॉलीवुड में अपने सफर की शुरूआत की थी। वो 73 वर्ष के थे। उन्हें पांच मार्च को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और तभी से वह वेंटिलेटर पर थे। उनके परिवार में पत्नी नीलम मुखर्जी, दो पुत्र एवं एक पुत्री हैं।
इधर बॉलीवुड के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ने अभिनेता जॉय मुखर्जी को 60 के दशक का प्रमुख सितारा बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। बच्चन ने ट्विट किया है, 'जॉय मुखर्जी हमारे बीच नहीं रहें, अपने समय के प्रमुख व्यक्ति और सितारे उनके परिवार के सदस्यों के लिए संवेदनाएं और प्रार्थना।'


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