मद्रास कैफे का हीरो फिल्म की कहानी है
मद्रास कैफे के एक्टर जॉन अब्राहम का कहना है कि उनकी फिल्म मद्रास कैफे का असली हीरो फिल्म की कहानी है। जॉन ने बताया कि फिल्म की कहानी काफी बेहतरीन है और काफी हटकर है। जॉन अब्राहम को कहना है कि फिल्म की कहानी बहुत ही सिंपल और बहुत ही खूबसूरती के साथ पेश की गयी है। फिल्म के लिेए जॉन ने अपने लुक्स पर भी काफी मेहनत की है साथ ही नर्गिस फाखरी ने भी फिल्म में काफी बेहतरीन काम किया है। मद्रास कैफे एक इंवेस्टिगेशन ऑफीसर की कहानी है जिसे फॉरेन देश में भेजा जाता है किसी मिशन को पूरा करने के लिए।
जॉन अब्राहम ने अपने इंटरव्यू के दौरान कहा कि करीब 4 साल पहले ही शुजीत सरकार ने उन्हें ये फिल्म बतौर एक्टर करने के लिए ऑफर की थी लेकिन फिर कुछ बात बनी नहीं। विक्की डोनर फिल्म का निर्माण करने के बाद जॉन ने सोचा कि उन्हें ये फिल्म भी बनानी चाहिए तो उन्होंने शुजीत सरकार से बात की और कहा कि वो इस फिल्म का निर्माण करना चाहते हैं। जॉन अब्राहम ने ये भी बताया कि जब फिल्म बननी शुरु हुई थी तब एक्ट्रेस फ्रीडा पिंटो को फिल्म की स्क्रिप्ट बेहद पसंद आई थी और उन्होंने कहा था कि वो भी इस फिल्म का हिस्सा बनना चाहती हैं लेकिन बाद में वो किसी और फिल्म में बिजी हो गयीं और इस फिल्म में काम नहीं कर सकीं।
जॉन अब्राहम ने आगे बताया कि फ्रीडा पिंटो तो फिल्म का हिस्सा ना बनसकीं लेकिन जब मद्रास कैफे की कहानी पूरी हुई और फिल्म शरु हुई तो उनकी पहली पसंद नर्गिस फाखरी ही थी। मद्रास कैफे फिल्म में पहले एक्टर मोहनलाला के भी होने की खबर आ रही थी लेकिन किन्हीं वजहों से वो इस फिल्म में नहीं हैं।


Click it and Unblock the Notifications