जिस्म-2 के प्रदर्शन पर लग सकती है रोक
मालूम हो कि फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगाने की मांग को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय में सुनवाई नहीं हो सकी। अदालत ने इस मामले पर सुनवाई के लिए आठ अगस्त की तारीख नियत की है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति एसआर आलम एवं न्यायमूर्ति विक्रमनाथ की खंडपीठ ने राकेश की जनहित याचिका पर पारित किया है।
फिल्म के कुछ दृश्य को लेकर विवाद था जिस पर याचिका दायर की गयी थी। याचिका में कहा गया है कि फिल्म जिस्म टू का कुछ दृश्य आपत्तिजनक है। इसे दिखाये जाने से समाज पर बुरा असर पड़ेगा। यह भी कहा है कि फिल्म को रिलीज करने से पहे सीनेमेटोग्राफी एक्ट के अन्तर्गत सेंसर बोर्ड नियमों का कड़ाई से पालन नहीं कर रहा है।
इस जनहित याचिका पर फिल्म के प्रदर्शन पर रोक की मांग के अलावा सिनेमेटोग्राफी पांच बी को असंवैधनिक घोषित कर रद्द करने की मांग की गयी है। याचिका पर वरिष्ठ अधिवक्ता एसएमए काजमी ने बहस करते हुए कहा कि सिनेमेटोग्राफी एक्ट का उक्त प्राविधान संविधान की मूल भावना के प्रतिकूल है। बहरहाल दर्शकों का कहना है कि देर से ही सही फिल्म रिलीज तो हो ही जायेगी लेकिन इससे कहीं न कहीं फिल्म को फायदा ही होगा।
विवाद व चर्चा के बाद यह और भी लोकप्रिय होगी जिसका फायदा कहीं न कहीं फिल्म को जरूर मिलेगा। वहीं दूसरी ओर दर्शकों में फिल्म को लेकर उत्सुकता बरकरार है। दर्शक चाहते हैं कि फिल्म जल्द से जल्द रिलीज हो। अब सबकी निगाह अगली सुनवाई पर टिकी है देखना यह है कि अदालत इस पर क्या फैसला सुनाती है।


Click it and Unblock the Notifications












