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    जावेद अख़्तर की शिक़ायत

    By Ankur Sharma
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    मशहूर शायर और गीतकार जावेद अख़्तर को मौजूदा टीवी धारावाहिकों से शिकायत है.

    वो कहते हैं, 'इनमें जिस तरह की भाषा होती है, जिस तरह के किरदार होते हैं, उनको देखकर ऐसा लगता है जैसे दुनिया में अच्छे इंसान बचे ही नहीं है,लोगों के दिलों में मोहब्बत कम है, नफ़रत ज़्यादा है, बातें कम होती हैं, साज़िशें ज़्यादा होती हैं'.

    जावेद अख़्तर ख़ुद एक टीवी धारावाहिक 'चांद छुपा बादल में' के लिए सूत्रधार की भूमिका निभा रहे हैं. ये धारावाहिक जल्द ही दर्शकों के सामने होगा.

    जावेद का मानना है कि ये धारावाहिक टीवी पर आने वाले दूसरे धारावाहिकों से अलग है. उन्होंने कहा, 'जब मैंने इसकी कहानी सुनी तो मुझे ये बहुत पसंद आई. इसमें गहराई, ठहराव और शीतलता है.'

    जावेद के मुताबिक इन दिनों टीवी और फ़िल्मों में रोमांस के नाम पर बस हंगामा होता है, उसमें गहराई नहीं होती. वे आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल को अच्छा मानते है, लेकिन साथ ही चाहते हैं कि अपनी परंपराओं को न भूलाया जाए.

    बीबीसी ने जावेद से पूछा कि वो ख़ुद टीवी पर क्या देखना पसंद करते हैं तो उनका जवाब था कि 'मैं तो बस अच्छी चीज़ें देखना चाहता हूं, उनमें अच्छा हास्य हो, पुराने मूल्य हों, अच्छी बातें हों, साज़िशें कम हों.'

    फ़िल्मों और टीवी धारावाहिकों में क्या अंतर होता है. ये पूछे जाने पर जावेद ने कहा, 'फ़िल्मों में आपको पूरी कहानी दो या तीन घंटे में कहनी होती है, जबकि धारावाहिकों के साथ ऐसा नहीं है. दरअसल दोनों में वही अंतर होता है, जो 100 मीटर की दौड़ और मैराथन में होता है'

    जावेद अपनी बेटी ज़ोया अख़्तर की आने वाली एक फ़िल्म के लिए गाने लिख रहे हैं. इस फ़िल्म में ऋतिक रोशन, फ़रहान अख़्तर, अभय देओल, कटरीना कैफ और कल्कि मुख्य भूमिकाओं में हैं.

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