Javed Akhtar ने यश चोपड़ा की फिल्मों पर साधा निशाना, बोले- 'लड़की शादी से पहले कई लोगों के साथ सोना चाहती है'

Javed Akhtar On Jab Tak Hai Jaan: हिंदी सिनेमा इंडस्ट्री के दिग्गज लिरिसिस्ट और लेखक जावेद अख्तर आज किसी भी पहचान के मोहताज नहीं है। अक्सर वह अपने बेबाक अंदाज के लिए भी काफी पसंद किए जाते हैं। हाल ही में उन्होंने संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म 'एनिमल' को लेकर कुछ ऐसा कह दिया था जिसके चलते काफी विवाद देखने को मिला था। उन्होंने फिल्म की सक्सेस को खतरनाक कह दिया। लेकिन अब जावेद अख्तर ने शाहरुख खान की फिल्म 'जब तक है जान' को लेकर विवादित बयान दे दिया है।
दरअसल, आज के समय में फिल्मों में महिला सशक्तिकरण को लेकर काफी कुछ दिखाया जा रहा है। इसी को लेकर जावेद अख्तर ने निराशा जाहिर की है। इससे पहले फिल्म 'एनिमल' में भी उन्होंने वूमेन रिप्रेजेंटेशन को लेकर बात की और अब डायरेक्टर यश चोपड़ा की फिल्म 'जब तक है जान' के एक डायलॉग पर उन्होंने निशाना साधा है। जावेद अख्तर इस पर रहते हैं कि निर्माता एक महिला की छवि को बनाए रखने के लिए फिल्म में तरह-तरह के एक्सपेरिमेंट करते नजर आते हैं। हालांकि उन्हें पता ही नहीं है कि असल में सशक्त महिला कौन होती है।
इसी दौरान जावेद अख्तर ने फिल्म 'जब तक है जान' का उदाहरण दे डाला। उन्होंने कहा कि इसमें अनुष्का शर्मा का एक डायलॉग था कि "शादी से पहले पूरी दुनिया के अलग-अलग एक्सेंट वाले मर्दों के साथ में मुझे सोना है।" इस पर जावेद अख्तर कहते हैं कि "इतनी मेहनत क्यों करनी है? इस तरह से आप मॉडर्न महिला को दिखा रहे हो। आपको पता ही नहीं है कि सशक्त महिला कौन है और इसीलिए महिलाओं को अच्छे रोल नहीं मिल पा रहे हैं।"
जावेद अख्तर ने यही नहीं रुकते हैं उन्होंने आगे कहा कि फिल्म में कोई कंटेंट ही मौजूद नहीं होता। लेखक से लेकर फिल्म मेकर तक को कंटेंट क्या है यही समझ नहीं आता है। ऐसा इसीलिए क्योंकि समाज ही इसको लेकर क्लियर नहीं हो पा रहा है। जो लोगों को कंटेंट अच्छा लगता है, उन पर फिल्में नहीं बनाई जा रही। जावेद अख्तर ने इस बात पर भी जोर देते हुए कहा कि माधुरी दीक्षित से लेकर श्रीदेवी जैसी अभिनेत्री को भी बड़ा रोल नहीं मिल पाया। उन्हें भी कभी भी 'बंदिनी' और 'सुजाता' जैसी फिल्मों में ऑफर नहीं किया गया।


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