जावेद अख्तर को आज भी पुरानी फिल्में अपील करती है
बॉलीवुड के जाने माने लेखक और गीतकार जावेद अख्तर का मानना है कि आज की फिल्में पहले की फिल्मों से ज्यादा वास्तविक होती हैं हालांकि उन्हें आज भी पुरानी फिल्में ही अपील करती हैं लेकिन पुरानी फिल्मों की तुलना में आज की फिल्मों के संवाद और कैरेक्टर ज्यादा रियल लगते हैं। जावेद अख्तर ने ये बात बॉम्बे टॉकीज फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान कही। जावेद अख्तर ने कहा कि आजकल जो अच्छी फिल्में बनती हैं उनमें नाटकीयता नहीं होती।
जावेद अख्तर ने इंडियन सिनेमा के 100 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में बनी फिल्म बॉम्बे टॉकीज की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान कई सेलिब्रिटीज के साथ मिलकर फिल्म का आनंद लिया और कहा "आज की फिल्मों में नाटकीयता नहीं है। मैं अच्छी फिल्मों की बात कर रहा हूं। आज की फिल्मों के संवाद और चरित्र वास्विकता के करीब हैं। इसका कोई कठोर और स्पष्ट बदलाव नहीं है। कुछ चीजें बदली हैं औ कुछ जस की तस हैं। दोनों में हालांकि एक जुड़ाव है। हम लोगों को आज भी पुरानी फिल्में अपील करती हैं।"
जावेद अख्तर बलीवुड के एक काफी मशहूर गीतकार रहे हैं। जावेद अख्तर के बेटे यानी फरहान अख्तर भी बॉलीवुड के टॉप के निर्देशकों में से एक हैं। फरहान अख्तर ने भी बॉलीवुड में एक से बढ़कर एक वास्विकता से भरी और दिल को छू लेने वाली कहानियों पर आधारित फिल्में दी हैं। जावेद अख्तर ने ये भी कहा कि आजकल की जो भी फिल्में हैं उनका मिजाज ही काफी बदला हुआ है।
आइये देखते हैं बॉम्बे टॉकीज फिल्म की एक झलक।


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