आज भी अपनी पहली पत्नी को याद करते हैं Javed Akhtar, कहा- 'अगर मैंने वो हरकतें ना की होती, तो वो मेरे साथ होती'

Javed Akhtar First Marriage: जावेद अख्तर एक ऐसे सेलब्रिटी हैं, जो अपनी बात रखने से पहले जरा भी नहीं कतराते। वो बेखौफ होकर अपने मत लोगों के सामने साझा करते हैं और यही वजह है कि वो आए दिन किसी ना किसी कॉन्ट्रोवर्सी का हिस्सा बन ही जाते हैं। बीते दिनों उन्होंने 'एनिमल' फिल्म के बारे में ऐसी बातें बोलीं जो फिल्म डायरेक्टर संदीप वांगा रेड्डी को पसंद नहीं आई। लेकिन अब उन्होंने अपनी पहली पत्नी के बारे में बात की है।
हाल ही में एक इंटरव्यू में जावेद अख्तर ने अपनी पहली पत्नी हनी ईरानी से शादी और शराब की लत से अपनी लड़ाई के बारे में खुलकर बात की। 1985 में अलग होने से पहले उनकी शादी को 11 साल हो गए थे। अख्तर ने बताया कि कैसे उनकी शराब की लत ने उनके रिश्ते को बुरी तरह से प्रभावित किया। मोजो स्टोरी पर, उन्होंने भारत में समान नागरिक संहिता के लिए अपना समर्थन भी व्यक्त किया और बताया कि कैसे वह अपने जीवन में इसी तरह के सिद्धांतों का पालन करते हैं।
उन्होंने कहा, 'मैं समान नागरिक संहिता में रह रहा हूं। मेरी शादी एक महिला से हुई थी, शादी के 11 साल बाद हमारा तलाक हो गया। मुस्लिम पर्सनल लॉ के मुताबिक, मैं सिर्फ उसे चार महीने तक गुजारा भत्ता देने के लिए जिम्मेदार था लेकिन मैंने ऐसा नहीं सोचा। वह मेरी जिम्मेदारी थी। यह उसकी भी पसंद है कि वह मेरा समर्थन चाहती है या नहीं, लेकिन जब भी वह चाहेगी या हो सकता है कि वह नहीं भी हो क्योंकि वह बहुत स्वाभिमानी व्यक्ति है, लेकिन मैं मदद के लिए मौजूद हूं। मैं कुछ किताबें और कुछ कपड़े लेकर घर से बाहर चला गया। बस इतना ही। और अब हम इस रिश्ते और इस समझ के कारण सबसे अच्छे दोस्त हैं।
उन्होंने शेयर किया कि शराब ने उनकी पहली शादी को कैसे प्रभावित किया। जावेद अख्तर ने कहा, उन्होंने 20-21 साल की उम्र में शराब पीना शुरू किया और 42 साल की उम्र में बंद कर दिया। उन्होंने कहा- "मैं एक बोतल खरीद सकता था और हर रात लगभग एक बोतल पीता था। उर्दू शायरों का बड़ा शराबी बनना बहुत आम बात है क्योंकि उनका मानना है कि अगर वे शायर और कलाकार हैं तो उन्हें बेफिक्र रहना चाहिए और आपको भी शराब पीनी चाहिए। मुझे लगता है कि मुझमें वे गलत धारणाएं थीं।"
उन्होंने बताया कि लखनऊ में बड़े होते हुए उन्होंने अच्छे शिष्टाचार सीखे लेकिन जब उन्होंने शराब पीने की लत के बाद वो सब चला गया। उन्होंने कहा- "दूसरी तरफ, लखनऊ में मैंने जो भी तहजीब सीखी, उसने मुझे अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी, इसलिए सारी कड़वाहट मेरे अंदर ही सिमट कर रह गई। लेकिन जब मैं शराब पीता था तो ये सभी बाधाएं टूट जाती थीं और मैं बहुत बुरा आदमी बन जाता था और गंदी भाषा का इस्तेमाल करता था। मैं दूसरा इंसान बन जाता था। इसका असर हनी के साथ मेरी शादी पर पड़ा। अगर मैं एक शांत और जिम्मेदार व्यक्ति होता, तो कहानी अलग होती।"


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