आखिर जावेद अख्तर क्यों बोल पड़े- 'भगवान से बेहतर तो हमारे PM हैं, भला वो कुछ तो सोचते हैं'
Javed Akhtar God debate: "क्या भगवान मौजूद हैं?" इस टॉपिक पर हुई बहस के दौरान मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने सवाल उठाया कि अगर भगवान सच में सर्वशक्तिमान और सर्वव्यापी हैं, तो गाज़ा में बच्चों के साथ हो रही तकलीफ क्यों नहीं रोकी जा रही।

जावेद अख्तर ने कहा कि गाजा में हालात बेहद भयावह हैं। वहां 10 साल से कम उम्र के हजारों बच्चों की मौत हो चुकी है और कई बच्चे भूख और बुरी हालत में जीवन यापन कर रहे हैं। यह स्थिति 7 अक्टूबर 2023 के बाद हुई सैन्य कार्रवाई के कारण और गंभीर हो गई। उनके इस बयान के बाद मुस्लिम समुदाय के एक हिस्से में नाराजगी भी देखने को मिली।
जावेद अख्तर ने यह तक कह दिया कि भगवान से तो अच्छे हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं क्योंकि वो कुछ तो ख्याल करते हैं।
मुफ़्ती शमाइल नदवी का जवाब
बहस के दौरान इस्लामिक स्कॉलर मुफ्ती शमाइल नदवी ने कहा कि अगर किसी को पूरी जानकारी नहीं है, तो उसे यह दावा नहीं करना चाहिए कि भगवान मौजूद नहीं हैं।
डिबेट के बारे में
यह बहस एक अकादमिक डिबेट का हिस्सा थी, जिसे पत्रकार और The Lallantop Show के संस्थापक संपादक सौरभ द्विवेदी ने संचालित किया। लगभग दो घंटे तक चली इस चर्चा में भगवान के अस्तित्व, आस्था, तर्क और सबूतों पर गहरी बातचीत हुई।
जावेद अख्तर का तर्क
जावेद अख्तर ने जवाब दिया कि कोई भी इंसान, चाहे वह वैज्ञानिक हो या दार्शनिक, यह नहीं कह सकता कि वह सब कुछ जानता है। उनके मुताबिक इंसानों को पक्के दावे करने के बजाय अपनी सीमाओं और अज्ञानता को स्वीकार करना चाहिए।
बहस में उठे अन्य सवाल
बहस में यह भी चर्चा हुई कि क्या किसी निर्णय को सिर्फ इसलिए सही मान लेना चाहिए क्योंकि बहुसंख्यक लोग उसका समर्थन करते हैं। कुल मिलाकर यह बहस गहरी, विचारोत्तेजक और कई बार विवादास्पद रही। इसमें भगवान के अस्तित्व, मानवीय समझ और आस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर बातचीत हुई।


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