Javed Akhtar ने दिया विवादित बयान, यूपी पुलिस की तुलना जुल्मी नाजियों से की, कहा- 'ये लोग जानबूझकर...'

Javed Akhtar On UP Police: मशहूर गीतकार और शायर जावेद अख्तर हमेशा से ही अलग-अलग मुद्दों पर अपनी बात रखते आए हैं। गुरुवार 18 जुलाई को जावेद अख्तर ने प्लेटफॉर्म एक्स पर मुजफ्फरनगर यूपी पुलिस द्वारा जारी निर्देशों के बारे में एक ट्वीट शेयर किया।
पोस्ट में उन्होंने लिखा, "मुजफ्फरनगर यूपी पुलिस ने निर्देश दिए हैं कि भविष्य में किसी खास धार्मिक जुलूस के रास्ते पर सभी दुकानों, रेस्टोरेंट और यहां तक कि गाड़ियों पर भी मालिक का नाम साफ तौर पर दिखाया जाना चाहिए। क्यों? नाजीं जर्मनी में वे खास दुकानों और घरों पर ही हमला करते थे।"
क्या है कांवड़ यात्रा?
हर साल शिवभक्त उत्तराखंड के हरिद्वार, गौमुख और गंगोत्री तथा बिहार के भागलपुर के अजगैबीनाथ, सुल्तानगंज जैसे स्थानों पर 28 दिनों तक गंगा नदी का पवित्र जल लाने के लिए कांवड़ यात्रा करते हैं। इस साल यूपी में कांवड़ यात्रा 22 जुलाई 2024 से शुरू होगी।
जावेद ने इस निर्देश और नाजी जर्मनी में प्रचलित प्रथाओं के बीच तुलना की, जहां खास यहूदी दुकानों और घरों पर खास मार्क लगाए जाते थे और इसे नस्लीय भेदभाव के रूप में देखा जाता था।
उनके ट्वीट ने सोशल मीडिया पर महत्वपूर्ण बहस छेड़ दी है, जिसमें यूजर्स कम्यूनिटी रिलेशन और पर्सनल फ्रीडम पर इसके असर पर चर्चा कर रहे हैं। कई यूजर्स ने अपने विचारों रखे। एक यूजर ने लिखा, "यह सुनिश्चित करने के लिए एक तरीका है कि अब्दुल कांवड़ियों को ऐसा खाना न बेचे जो हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार तैयार ना किया गया हो। ठीक वैसे ही जैसे मुसलमानों के लिए हलाल सर्टिफिकेशन की जरूरत होती है।"
एक और यूजर ने कमेंट किया, "खाने की चीजों के लिए हलाल सर्टिफिकेशन देना जरूरी करना आपके लिए ठीक है, सर? मुसलमान गैर-हलाल खाना नहीं खाएंगे। यह उनकी पसंद है। लेकिन हिंदुओं पर वही हलाल भोजन क्यों थोपा जाए? सात्विक भोजन खाना उनकी पसंद है। साथ ही, जब कम्यूनिटी ऐसी चीज़ों के लिए बदनाम हो, तो हमें ज़्यादा सावधान रहना चाहिए।"
18 जुलाई को मुजफ्फरनगर यूपी पुलिस ने जिले में कांवड़ यात्रा मार्ग पर मौजूद होटलों, ढाबों और दूसरे खाने की चीजों को बेचने वाले लोगों को निर्देश दिया कि वे श्रद्धालुओं के बीच भ्रम से बचने के लिए अपने मालिकों और कर्मचारियों के नाम जरूर दिखाएं।
इस महीने की शुरुआत में टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, मुजफ्फरनगर के भाजपा विधायक कपिल देव अग्रवाल ने एक विवादास्पद बयान दिया। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान मुसलमानों को अपनी दुकानों का नाम हिंदू देवताओं के नाम पर नहीं रखना चाहिए, क्योंकि कांवड़िए (भक्त) दुकान के मालिक के बारे में पूछते हैं। 1 जुलाई को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कांवड़ियों के सम्मान में कांवड़ यात्रा मार्ग पर मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया।


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