जावेद अख्तर ने इंडस्ट्री में पूरे किए अपने 50 वर्ष
मुंबई। मशहूर गीतकार, शायर और पटकथा लेखक जावेद अख्तर ने सिनेमा जगत में 50 साल पूरे कर लिए। इस मौके पर उनकी पत्नी शबाना आजमी ने कहा कि वह अपने शौहर के इस शानदार सफर को इज्जत के साथ देखती हैं।

शबाना ने की जावेद की तारीफ
अख्तर (69) 1964 में मुंबई पहुंचे थे। फिल्म उद्योग में काम पाने के लिए उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा और फिर 1969 में उन्हें धर्मेंद्र अभिनीत ‘यकीन' में काम मिला। इस फिल्म के संवाद में उन्होंने योगदान दिया।
शबाना ने ट्विटर पर कहा, ‘50 साल पहले जावेद अख्तर फिल्म में करियर बनाने मुंबई आए थे और वह कई दिनों तक बिना भोजन के सड़क पर सोए। उनके पास सिर्फ प्रतिभा और प्रतिबद्धता थी। मैं सम्मान करती हूं।'
सलीम खान के साथ जावेद अख्तर ने जोड़ी बनाई और दोनों की लेखनी ने हिंदी सिनेमा को ‘शोले' और ‘दीवार' जैसी कई शानदार फिल्में दीं।
प्रख्यात लेखक-गीतकार जावेद अख्तर ने आज से 50 साल पहले ग्वालियर से आकर अपने सपनों के साथ इसी दिन मुंबई में कदम रखा था।
जावेद ने की मोदी की तारीफ
आज सिनेमा जगत में गीतकार एवं लेखक के रूप में अपनी अलग पहचान बना चुके जावेद ने बीते दो अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए 'स्वच्छ भारत मिशन' के तहत मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर प्लेटफार्म की सफाई के अभियान में शिरकत की।
अपने अनुभव के बारे में बताते हुए जावेद ने कहा, "राष्ट्र की बेहतरी के लिए किसी अभियान में भाग लेना हमेशा ही खुशी की बात है और नरेंद्र मोदी जी का 'स्वच्छ भारत मिशन' निश्चित रूप से एक बेहतरीन विचार है। मैंने प्रसन्नतापूर्वक इसका समर्थन किया है।"
स्वच्छ भारत अभियान के साथ अपने ऐतिहासिक अनुभव को जोड़ते हुए जावेद ने कहा, "आज से 50 साल पहले चार अक्टूबर, 1964 को जब मैं मुंबई के लिए अपने गृह जिले ग्वालियर से चला था और मुंबई सेंट्रल पर उतरा था। आज फिर मैं उसी जगह पर खड़ा हूं, जहां 50 साल पहले कदम रखा था।"
जावेद को लगता है कि अब समय आ गया है, जब लोगों को आगे आकर जिम्मेदारी निभाने की जरूरत है।
जावेद ने कहा, "हमें यह समझने की जरूरत है कि हम ही सरकार हैं। कोई हमारे लिए काम नहीं करेगा। हम बड़े बड़े भव्य मॉल के बाहर गंदगी देखते हैं और सिर्फ बदलाव की बात करते हैं। लेकिन खुद बदलाव के लिए कुछ नहीं करना चाहते।"


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