रिचर्ड डॉकिंस पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय बने जावेद अख्तर- जानिए क्यों मिलता है ये अवॉर्ड
लेखक व गीतकार जावेद अख्तर को लेकर मशहूर है कि वो अक्सर किसी ना किसी बात को लेकर चर्चा में रहते हैं और सोशल मीडिया पर एक के बाद एक ट्वीट कई मामलों में करते नजर आते रहते हैं। उनको लेकर कहा जाता है कि वो हर किसी धर्म पर टिप्पणी जरूर करते हैं अगर कुछ गलत हो रहा होता है। लेकिन इस समय जावेद अख्तर को जिस सम्मान से नवाजा गया है उसको लेकर काफी चर्चा है और वो सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं।
दें कि उनको विकास और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए 2020 के प्रतिष्ठित रिचर्ड डॉकिंस पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। सबसे बड़ी और गर्व की बात ये है कि ऐसा करने वाले वो पहले भारतीय बन गए हैं।

इसके पहले ये पुरस्कार किसी भारतीय पर्सनालिटी को नहीं मिला था। गौरतलब है कि ये शानदार पुरस्कार विज्ञान, शोध, शिक्षा या मनोरंजन के क्षेत्र ही किसी ना किसी व्यक्ति को दिया जाता है।
इसके लिए व्यक्ति काफी प्रतिष्ठित होना चाहिए जो कि सार्वजनिक रूप से तर्कसंगत होकर धर्मनिरपेक्षता की रक्षा की बात करता हो और इसको लेकर प्रयास करता रहता हो। शबाना आजमी ने इसपर रिएक्टर करते हुए एक ट्वीट किया है जोकि तेजी से वायरल हो रहा है।
उन्होने लिखा है कि.. मैं बहुत खुश हूं। मैं जानती हूं कि रिचर्ड डॉकिंस जावेद के लिए एक प्रेरणस्त्रोत नायक की तरह रहे हैं। बता दें कि जावेद अख्तर को लोग लगातार मुबारकबाद दे रहे हैं।


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