मैडम तुसाद ने आखिर क्यों चुना करीना को?

सबसे पहले हम बात करते हैं तुसाद संग्रहालय की। अगर भारतीय हस्तियों की बात करें राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बाद बॉलीवुड के शहंशाह अमिताभ बच्चन, पूर्व विश्व सुंदरी ऐश्वर्या राय, ट्विटर पर सबसे तेज़ लोकप्रियता बटोरने वाले भारतीय अभिनेता सलमान खान, शाहरुख खान के स्टेच्यू यहां लगाये गये हैं। भारतीय क्रिकेट जगत से एक मात्र नाम इस सूची में शामिल है- मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर।
पूरा विश्व यहां पर स्टेच्यू को वैश्विक सम्मान के रूप में मानता है। अब सवाल यह उठता है कि क्या करीना का कद इनमें से किसी के भी बराबर है। उत्तर होगा नहीं। ना तो वो विश्व सुंदरी हैं और ना ही टॉप की अभिनेत्री। तो करीना को क्यों चुना गया।
अगर इसके सकारत्मक तर्क खोजें तो करीना की अंतर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धियां हैं, जो उन्हें इस सम्मान का हकदार बनाती हैं। उन्होंने अपने करियर में कुल 12 फिल्मफेयर अवार्ड जीते हैं। इसके अलावा 11 साल के अपने करियर में करीना ने कई अंतर्राष्ट्रीय पटलों पर समाज सेवा में योगदान जरूर दिया है। 2004 में सुनामी पीडि़तों के लिए फंड इकठ्ठा किया, मध्य प्रदेश के चंदेरी गांव को गोद लिया, यूनेस्को के साथ जुड़कर सर्व शिक्षा अभियान को आगे बढ़ाया और महिला हिंसा के खिलाफ अभियानों में शामिल हुईं। साथ ही रिटेल चेन की ब्रांड एंबेस्डर बनीं।


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