चंबल के डाकू बनेंगे इरफ़ान खान

इसी शख़्स की सच्ची कहानी को फ़िल्मी पर्दे पर उतारेंगे फ़िल्म निर्देशक तिग्मांशु धूलिया.
किरदार को पर्दे पर उतारने का काम इरफ़ान खान करेंगे.
तिंग्माशु धूलिया ने इस बारे में बताया, "पान सिंह तोमर स्टीपलचेज़ में राष्ट्रीय चैंपियन थे. 10-11 वर्षों तक कोई उनका रिकॉर्ड तोड़ नहीं पाया था. उन्होंने टोक्यो में एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था लेकिन बाद में हालात कुछ यूँ बदले कि वे एक डाकू बन गए."
| पान सिंह तोमर स्टीपलचेज़ में राष्ट्रीय चैंपियन थे. 10-11 वर्षों तक कोई उनका रिकॉर्ड तोड़ नहीं पाया था. उन्होंने टोक्यो में एशियाई खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया था लेकिन बाद में हालात कुछ यूँ बदले कि वे एक डाकू बन गए.एक व्यक्ति जो देश के लिए दौड़ता था बाद में देश के क़ानून के ख़िलाफ़ हो गया और भागता रहा, ये कहानी मुझे दिलचस्प लगी |
खेल और खिलाड़ियों की दशा- दुर्दशा पर यूँ तो भारत में कई फ़िल्में बनीं हैं लेकिन तिग्मांशु मानते हैं कि इनमे से ज़्यातार फ़िल्में सतही और फ़र्ज़ी किस्म की रही हैं.
वे कहते हैं, "चक दे इंडिया बहुत अच्छी फ़िल्म थी, आपको प्रेरित भी करती है लेकिन सच्चाई अलग है- पुरुष हॉकी टीम की ही हालत देखिए तो महिलाओं की हॉकी टीम का क्या होगा. मैं उस किस्म की फ़िल्म बनाना चाहता हूँ कि बॉक्सर ने स्वर्ण पदक जीता है, उसके नाम पर सड़क है लेकिन उसी सड़क पर वो भीख माँगता है. ऐसे पता नहीं कितने खिलाड़ी हैं देश में अगर क्रिकेटर को छोड़ दें तो."
ख़िलाड़ी से डाकू बने पान सिंह तोमर का किरदान निभाने वाले इरफ़ान खान ने किरदार की तैयारी शुरु कर दी है.
तिग्मांशु और इरफ़ान इससे पहले भी एक साथ काम कर चुके हैं. तिग्मांशु की पहली फ़िल्म हासिल में इरफ़ान ने अहम भूमिका निभाई थी.
इस रोल के लिए वर्ष 2003 में इरफ़ान खान को नकारात्मक भूमिका की श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार भी मिला था. उसके बाद से बॉलीवुड में इरफ़ान खान का ग्राफ़ तेज़ी से बढ़ा है.
बतौर निर्देशक ख़ुद तिग्मांशु को भी इस फ़िल्म के लिए ओलोचकों की काफ़ी सराहना मिली थी. दोनों ने फ़िल्म चरस में भी एक साथ काम किया था.
फ़िल्म की शूटिंग इस साल के अंत में शुरु होगी. तिग्मांशु की नई फ़िल्म शागिर्द अक्तूबर में रिलीज़ हो रही है जिसमें नाना पाटेकर ने काम किया है.


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