'चरमपंथियों से बातचीत का प्रसारण ग़लत नहीं'

भारत के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने इंडिया टीवी को इस मामले पर नोटिस जारी किया है और चैनल प्रबंधन को एक दिसंबर तक जवाब देने को कहा है.
लेकिन जाने-माने निर्माता-निर्देशक महेश भट्ट इंडिया टीवी के बचाव में खड़े हुए हैं. उनका कहना है कि चैनल ने चरमपंथियों से बातचीत प्रसारित करके कोई ग़लत काम नहीं किया है.
सराहना
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में महेश भट्ट ने कहा, "इंडिया टीवी ने कोई लक्ष्मण रेखा पार नहीं की है. इसके कारण हमारा देश ऐसी स्थिति से नहीं गुज़र रहा है. अगर चरमपंथियों ने किसी चीज़ के बारे में कहा है तो इसे अलग परिप्रेक्ष्य में रखने में कोई बुराई नहीं है."
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इंडिया टीवी ने कोई लक्ष्मण रेखा पार नहीं की है. इसके कारण हमारा देश ऐसी स्थिति से नहीं गुज़र रहा है. अगर चरमपंथियों ने किसी चीज़ के बारे में कहा है तो इसे अलग परिप्रेक्ष्य में रखने में कोई बुराई नहीं है
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महेश भट्ट ने कहा कि यह उस टीवी चैनल का एक्सक्लूसिव प्रसारण था, जिसकी सराहना करनी चाहिए न कि आलोचना.
उन्होंने कहा कि चरमपंथियों को प्लेटफ़ॉर्म देने में कोई बुराई नहीं है और न ही ये कोई गुनाह है. इंडिया टीवी ने ज़िम्मेदार पत्रकारिता की है.
चरमपंथियों से बातचीत का प्रसारण करने के कारण इंडिया टीवी की आलोचना हो रही है और कई अन्य चैनल तो अपने कार्यक्रमों के बीच में ऐसे संदेश दिखा रहे हैं जिसमें लिखा गया है कि वे चरमपंथियों को प्लेटफ़ॉर्म नहीं देंगे.
भारत के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने भी चरमपंथियों को प्लेटफ़ॉर्म देने का हवाला देते हुए इंडिया टीवी को नोटिस जारी किया है.


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