»   » #SeedhiBaat: शाहरूख कुछ भी कह लें, मैं उनकी बात कतई नहीं मानूंगा!

#SeedhiBaat: शाहरूख कुछ भी कह लें, मैं उनकी बात कतई नहीं मानूंगा!

Written By:
Subscribe to Filmibeat Hindi

हाल ही में जब हैरी मेट सेजल डायरेक्टर इम्तियाज़ अली की तारीफों के पुल बांधते हुए शाहरूख खान ने उन्हें, आज का यश चोपड़ा कहा। और अब शाहरूख खान की इस तारीफ का जवाब इम्तियाज़ अली ने खुद दिया है।

दरअसल, शाहरूख खान ने एक इंटरव्यू में कहा था कि इम्तियाज़ के फिल्में बनानेे का तरीका देखकर यश चोपड़ा की याद आ जाती है। इस बात को इम्तियाज़ ने नकारते हुए कहा कि मैं इस बात को सच मानना ही नहीं चाहता।

imtiaz-ali-reacts-on-shahrukh-khan-calling-him-modern-day-yash-chopra

इम्तियाज़ ने बड़ी सादगी से कहा कि शाहरूख मेरे साथ काम कर रहे हैं तो ये उनका बड़प्पन दिखाने का तरीका था। मुझे काम के लिए और उत्साहित करने का। इसलिए मैं इस बात को यहीं खत्म कर देना चाहता हूं।

मैं जो हूं ही नहीं, वो तारीफ लेकर मैं क्या करूंगा। मैं बस इस बात से ही खुश हूं कि मैंने शाहरूख जैसे कलाकार के साथ काम कर लिया है।यश चोपड़ा के जाने के बाद शायद ही रोमांस को इतने बेहतरीन तरीके से कोई परदे पर उतारेगा।

imtiaz-ali-reacts-on-shahrukh-khan-calling-him-modern-day-yash-chopra

वक्त का ऐ मेरी ज़ोहराजबीं से लेकर जब तक है जान तक यश चोपड़ा ने हमेशा दर्शकों को ऐसी दुनिया से रूबरू कराया जो आज ढूंढने पर भी नहीं मिलती है।

पर उनके साथ काम करने का मौका, आज के दौर में शाहरूख, सैफ, आमिर सबको लगा बस सलमान चूक गए। जानिये ऐसा क्या था यश चोपड़ा के रोमांस में जो देखते ही आप भी कह देते थे कि 'दिल तो पागल है' -

साथ काम करना गर्व

साथ काम करना गर्व

यश चोपड़ा के साथ काम करना गर्व की बात है। लेकिन सलमान और प्रियंका को छोड़ लगभग सारे सुपरस्टार्स के पास ये अचीवमेंट है। जानिए क्यों थे यश जी इतने खास -

कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है....

कभी कभी मेरे दिल में खयाल आता है....

यश चोपड़ा के इश्क का अंदाज़ बिल्कुल सादा था। न कोई बनावट न कोई बदमिज़ाज़ी। बस भोली और मासूम मोहब्बत। उसमें वीर का कॉन्फिडेंस था तो राज का अल्हड़पन,अमित की ज़िम्मेदारी भी।

तेरे चेहरे से नज़र नहीं हटती...

तेरे चेहरे से नज़र नहीं हटती...

यश चोपड़ा खूबसूरती को तराशना जानते थे केवल चेहरे से नहूीं बल्कि हाव - भाव, पहनावे और अदाओं से। उनका यही अंदाज़ चांदनी की शरारतों में, सिमरन के भोलेपन में, शोभा की खामोशियों में, निशा की अदाओं में और पूजा की शोखियों में झलकता था...

ये हम आ गए हैं कहां...

ये हम आ गए हैं कहां...

पीले खेत, सफेद पहाड़, खिले गुलिस्तान...यश चोपड़ा सपनों की उस दुनिया में ले जाते थे जहां सब कुछ खूबसूरत था। स्विट्ज़रलैंड उनकी फेवरिट लोकेशन थी। उन्होंने एल्प्स की पहाड़ियों को इतनी खूबसूरती से दिखाया है कि स्विट्ज़र लैंड में उनके नाम पर एक झील है तो DDLJ के बाद एक ट्रेन भी।

तुझमें रब दिखता है...

तुझमें रब दिखता है...

रोमांस के साथ परिवार और परंपरा पर उन्होंने कभी कंप्रोमाइज़ नहीं किया। सिलसिला में भाई के लिए अमित का त्याग हो या बाउजी के लिए राज - सिमरन की इज्ज़त, ज़ारा का पड़ोसी बेब्बे के लिए अपनापन हो या दीवार में मां के लिए झगड़ते दो भाई। हर किरदार दूसरे किरदार से जुड़ा था।

तू मेरे सामने, मैं तेरे सामने...

तू मेरे सामने, मैं तेरे सामने...

ऐसा नहीं था कि यश चोपड़ा ने रोमांस की इंटीमेसी को नज़रअंदाज़ किया लेकिन उन्होंने फूहड़ता और अश्लीलता कभी नहीं परोसी। जब तक है जान का सांस में तेरी सांस मिली, चांदनी का लगी आज सावन की, लम्हे का कभी मैं कहूं, वीर - ज़ारा का जानम देख लो इसके सटीक उदाहरण हैं

आज सवेरे सूरज ने बादल के तकिये से सर जो उठाया...

आज सवेरे सूरज ने बादल के तकिये से सर जो उठाया...

आज सवेरे सूरज ने बादल के तकिये से सर जो उठाया... यश चोपड़ा शायरी के दीवाने थे और उनकी ये दीवानगी उनकी फिल्मों की नज़्मों में दिखती थी। चाहे सिलसिला के अमित की शायरियां हों और सिमरन की डायरी के पन्ने। वहीं वीर का कैदी नंबर 786 किसी परिचय का मोहताज नहीं है

अरे रे अरे बन जाए ना...

अरे रे अरे बन जाए ना...

यश राज के संगीत की कोई तुलना नहीं थी। रोमांस के बेहतरीन नगमें इंडस्ट्री को देने वाले यश चोपड़ा ही थे। लम्हे, सिलसिला, चांदनी, डर, कभी कभी, रब ने बना दी जोड़ी, दिल तो पागल है, दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे...किसी के संगीत की कोई तुलना ही नहीं है। दिल तो पागल है का एल्बम तो सभी रिकॉर्ड पार कर गया। वहीं वीर - ज़ारा मदन मोहन के म्यूज़िक बैंक ने मानो उनका वक्त दोहरा दिया

Shahrukh Khan throws Birthday Party for Imtiaz Ali; Watch Video | FilmiBeat
मोहब्बत करूंगा मैं...जब तक है जान

मोहब्बत करूंगा मैं...जब तक है जान

यश चोपड़ा सारी ज़िंदगी मोहब्बत के हसीन किस्से गढ़ते रहे। जाते जाते भी उन्होंने दर्शकों को इश्क का तोहफा दिया जब तक है जान के रूप में। लेकिन कहते हैं न कि प्यार मरता नहीं वैसे ही यश चोपड़ा की मोहब्बतें हमेशा ताज़ा रहेंगी...कभी कभी वीर के लम्हे में, कहीं ज़ारा की परंपरा में..और हमेशा राज - सिमरन के सिलसिले में..

English summary
Imtiaz Ali reacts on Shahrukh Khan calling him modern day Yash Chopra
Please Wait while comments are loading...