Imane Khelif- पुरुष कहकर जिस महिला को चैंपियनशिप से किया था बाहर, ओलंपिक गोल्ड मेडल जीतकर दिया मुंहतोड़ जवाब!

Imane Khelif Gold Medel- जेंडर विवादों को झेलने के बाद अल्जीरियाई मुक्केबाज इमान खलीफ ने अपने आपको साबित करते हुए लोगों के मुंह बंद कर दिए हैं। उन्होने शुक्रवार को पेरिस ओलंपिक में महिलाओं के 66 किग्रा फाइनल में स्वर्ण पदक जीता।
इसके बाद उनको लेकर चर्चा हो रही है और उनके समर्थन सोशल मीडिया पर उन लोगों को मुंहतोड़ जवाब दे रहे हैं जो कि इस तरह के आरोप लगा रहे थे। इमान ने चीन की यांग लियू को हराकर जीत हासिल की।
वो खेलों में सबसे विवादास्पद और सफल एथलीटों में से एक बन गईं। बताया जा रहा है कि इमान खलीफ इसको लेकर करीब 8 साल से मेहनत कर रही हैं और महज 25 साल की उम्र में उन्होने इस सपने को साकार कर लिया है।
पेरिस में जश्न
जैसे ही उन्होने ये कारनामा करके दिखाया पेरिस में जश्न की शुरुआत हो गई। टीम के एक सदस्य ने उनको अपने कंधों पर उठाया हुआ है। खलीफ ने इस जीत के बाद कहा, "मैं बहुत खुश हूं। आठ साल से यह मेरा सपना रहा है, और अब मैं ओलंपिक चैंपियन और स्वर्ण पदक विजेता हूं।"
खलीफ़ की जीत लैंगिकता पर विवाद में, जेंडर की जांच में असफल होने के बाद उन्हें और ताइवान की लिन यू-टिंग दोनों को पिछले साल विश्व चैंपियनशिप से अयोग्य घोषित कर दिया गया था। इसके बावजूद, अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) ने उन्हें पेरिस में प्रतिस्पर्धा करने के लिए मंजूरी दे दी। विवाद तब फिर से शुरू हो गया जब खलीफ़ ने अपने शुरुआती मुकाबले में इटली की एंजेला कैरिनी को हरा दिया।
कुछ लोगों ने किया ट्रोल, कुछ ने की तारीफ
अब लोग कर रहे ट्रोल, एक ने लिखा है, ''ओलिंपिक: जहां महिलाओं को पीटने पर पुरुष को मिलता है गोल्ड मेडल!'' एक ने लिखा, ''पुरुष इतने अच्छे हैं कि हम महिलाओं के खेल में भी स्वर्ण जीत रहे हैं।'' एक का कहना था, ''उन सभी लोगों के लिए जो उसे पुरुष कह रहे हैं, एक बार कुछ अच्छा करने के लिए इंटरनेट का उपयोग करें और उसके बारे में खोजें। वह एक महिला हैं, बहुत मजबूत और गौरवान्वित महिला हैं।'' एक ने लिखा, ''तो यह गर्व का क्षण है या शर्म की बात है कि महिला वर्ग में पुरुषों ने जीत हासिल की।'' इस तरह से लोग रिएक्ट कर रहे हैं।


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