39वाँ अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सव आज से

समारोह में भारत की 47 फ़िल्में भी दिखाई जाएँगी, जिनमें से 26 फीचर फ़िल्में हैं. ग़ैर फीचर फ़िल्म श्रेणी में 21 फ़िल्मों का प्रदर्शन होगा.
बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री रेखा समारोह की मुख्य अतिथि हैं. समारोह की शुरुआत उत्तरी गोवा के मंडोवी नदी के किनारे स्थित कला अकादमी में चीनी फ़िल्म 'द वारलॉर्ड्स' से होगी.
फ़िल्म महोत्सव के निदेशक (डीएफएफ) एस एम ख़ान के अनुसार समारोह का समापन ईरान के निर्देशक माजिद माजिदी की फ़िल्म 'द सॉन्ग ऑफ़ द स्पैरो' से होगा.
मुक़ाबला
समारोह में एशिया, एशिया प्रशांत, दक्षिण अमेरिकी और अफ़्रीका की फ़िल्में एक-दूसरे से मुक़ाबला करेंगी और हाँगकाँग के मशहूर निर्देशक पीटर चान की अध्यक्षता वाले निर्णायक मंडल की कसौटी पर होंगी.
| समारोह की ख़ासियत ये है कि आम लोग भी 100 रुपये का टिकट लेकर पूरे दिन भर विभिन्न देशों की फ़िल्मों का लुत्फ उࢠा सकेंगे |
प्रतियोगिता वर्ग में भारत, बांग्लादेश, रूस, न्यूज़ीलैंड, मलेशिया, श्रीलंका, ईरान, चीन और जापान की फ़िल्मों का चयन किया गया है.
समारोह की ख़ासियत ये है कि आम लोग भी 100 रुपये का टिकट लेकर पूरे दिन भर विभिन्न देशों की फ़िल्मों का लुत्फ उठा सकेंगे.
मुख्य आकर्षण
समारोह का मुख्य आकर्षण ताजमहल पर अब तक बनी फ़िल्मों का प्रदर्शन है. इनमें 1928 में बनी मूक फ़िल्म 'शिराज', 1946 में बनी 'शाहजहाँ', 1963 में बनी 'ताज महल' और 2005 में बनीं फ़िल्म ताजमहल शामिल हैं.
समारोह के दौरान गुजरे ज़माने के दिग्गज फ़िल्मकारों जीपी सिप्पी, बीआर चोपड़ा, एफसी मेहरा, जयश्री गडकर, रघुवरन, महेंद्र कपूर, जीवा, श्रीधर, विजय तेंदुलकर और नबेंदु घोष को श्रद्धांजलि दी जाएगी.
बिमल रॉय, एलवी प्रसाद की जन्मशती और कन्नड़ सिनेमा के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर फ़िल्म उद्योग में उनके योगदान पर भी समारोह में चर्चा होगी.
डीएफएफ ख़ान ने बताया कि नेशनल फ़िल्म आर्काइव्स पुणे की ओर से राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़ी फ़िल्मों की प्रदर्शनी भी समारोह का आकर्षण होगी.


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