Pics-Trailer : अभिमान है युवा होने का? तो जरूर देखिएगा ‘द लाइट...’
अहमदाबाद (कन्हैया कोष्टी)। बदलते परिवेश में फिल्में अब जैसे केवल युवा वर्ग के आसपास रह गई हैं। फिल्में देखने वाले दर्शकों में 80 प्रतिशत युवा ही होते हैं। इतना ही नहीं, निर्माता-निर्देशक भी अब कोई भी फिल्म बनाने से पहले युवा वर्ग को ध्यान में रखते हैं। इसीलिए तो भाग मिल्खा भाग, रांझणा, आशिकी 2 जैसी फिल्में हिट होती हैं।
ऐसा नहीं है कि फिल्में अब तमाम वर्गों के लोगों के लिए नहीं बनतीं, परंतु यह बात बिल्कुल सटीक है कि किसी भी फिल्म के केन्द्र में अब युवा वर्ग ही होता है। फिल्म का विषय भले अपराध पर आधारित हो या प्यार पर, सामाजिक हो या आर्थिक, परंतु केन्द्र में युवा वर्ग ही होता है। इसी श्रृंखला में एक और फिल्म आ रही है, जिसका विषय शायद वर्तमान युवा पीढ़ी के लिए दिलचस्प न हो, परंतु जिस किसी को भी अपने युवा और भारतीय होने पर गर्व है, अभिमान है, तो उसे यह फिल्म जरूर देखनी चाहिए।
हाँ जी। यह फिल्म है भारतीय स्वाभिमान को समग्र विश्व में प्रकट करने वाले स्वामी विवेकानंद पर आधारित। ट्रायकलर प्रोडक्शन प्रा. लि. के बैनर तले जे मिश्रा निर्मित तथा उत्पल सिन्हा निर्देशित इस फिल्म का नाम है द लाइट स्वामी विवेकानंद। रामकृष्ण परमहंस के शिष्य स्वामी विवेकानंद के बारे में यहाँ कुछ लिखने का इरादा नहीं है, क्योंकि उनके बारे में बहुत कुछ लिखा-सुना-पढ़ा जा चुका है। इसके बावजूद द लाइट स्वामी विवेकानंद फिल्म बहुत कुछ कहने को तैयार दिखती है, जो शायद आज की युवा पीढ़ी लिख-सुन-पढ़ न सकी हो।


Click it and Unblock the Notifications











