राष्ट्रीय पुरस्कार की चाहत है: अमृता

'वेलकम टू सज्जनपुर" में कुम्भारिन के रूप में मटका बनाती अमृता को इन दिनों अपने आपसे काफी मोहब्बत हो गई है क्योंकि उनके इस रूप को हुसैन साहब ने अधिक सराहा है।
इस बारे में अमृता का कहना है, “हुसैन साहब को कुम्भार जाति से विशेष प्रेम है यही वजह है कि अपनी पहली फिल्म 'गजगामिनी" में उन्होंने इसे काफी खूबसूरती से दर्शाया था।“
श्याम बेनेगल की अधिकतर फिल्मों को अब तक राष्ट्रीय पुरस्कार से सराहा गया है तो क्या कॉमेडी में उनके पहले प्रयास को राष्ट्रीय पुरस्कार से नवाज़ा जाएगा ? “श्याम बाबू के साथ काम करना ही मेरे लिए असली पुरस्कार रहा।
विशेष रूप से कमला के किरदार को जीवित करना मेरे लिए आनंददायक रहा। राष्ट्रीय पुरस्कार हमारे देश का सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार है। इस पुरस्कार के लिए नॉमिनेट होना ही हर कलाकार के लिए बहुत बडी बात है।
अगर अमृता, आप राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए नहीं भी नॉमिनेट हुई तो कोई बात नहीं क्योंकि आप ऑलरेडी राष्ट्रीय कलाकार हुसैन साहब की नज़रों में बेहतरीन अदाकारा के तौर पर नॉमिनेट हो चुकी हैं।


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