मैं कभी गुमनाम नहीं होना चाहता: शाहरुख खान

समाचार चैनल सीएनएन के कार्यक्रम टॉक एशिया को दिए साक्षात्कार में शाहरुख ने कहा, "मैं गुमनाम होना नहीं चाहता..मैं इस मुद्दे पर पूरी ईमानदारी बरतता हूं। मैं यह पसंद करता हूं कि लोग मुझे पहचाने और प्यार करें।" शाहरुख ने कहा, "मैं सोचता हूं कि आखिर इतनी मेहनत क्यों कर रहा हूं। मैं अपने घर के बाहर खड़े लोगों की गिनती नहीं करता लेकिन मैं यह भी नहीं चाहता कि लोगों की संख्या की कम हो।"
फिल्मों में किस्मत आजमाने के लिए शाहरुख वर्ष 1991 में दिल्ली से मुंबई आए थे। उन्होंने बॉलीवुड को 'दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'बाजीगर', 'कुछ-कुछ होता है', 'डर', 'परदेस', 'दिल तो पागल है' और 'चक दे इंडिया' जैसी बेहतरीन फिल्में दी है। शाहरुख का कहना है कि वह शर्मीले स्वभाव के इंसान हैं।
उन्होंने कहते हैं, "मैं मूलत: शर्मीले स्वभाव का हूं। जब में फिल्म सेट पर जाता हूं तो उससे पहले पूरी तैयारी करता हूं। मुझे उस वक्त अजीब लगता है, जब सेट पर हंसना पड़ता है। इसके अलावा मैं अंतरंग दृश्यों में भी असहज महसूस करता हूं।" गौरतलब है कि देश के साथ-साथ विदेशों में भी शाहरुख खान के बहुत चाहने वाले हैं।


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