विवादित बयान पर सलमान हुए शर्मिंदा कहा माफ कर दो

सलमान (44) ने समाचार चैनल 'आज तक' से कहा, "साक्षात्कार को तोड़ा-मरोड़ा गया है। मैंने उसे स्वयं देखा, जिस तरह से यह टेलीविजन चैनलों पर दिखाया जा रहा है उससे यह असंवेदनशील लगता है। मैं केवल इतना कह रहा हूं कि अमीर और गरीब दोनों के लिए जीवन समान रूप से कीमती है, किसी हमले को मीडिया में ज्यादा महत्व मिलता है और किसी को कम। ऐसा क्यों? हर इंसान का जीवन कीमती है।"
उन्होंने कहा, "दुनिया में कहीं भी आतंकवादी हमला होता है तो वह घृणित है। एक आतंकवादी की कोई राष्ट्रीयता नहीं होती। उसका कोई धर्म नहीं होता और वह साहसी नहीं होता। मुझे अपनी खुफिया एजेंसियों, पुलिस और सशस्त्र सेनाओं पर पूरा विश्वास है।" इससे पहले सलमान के पिता सलीम खान और भाई अरबाज खान ने यह कहते हुए सलमान खान का बचाव किया कि सलमान वाकपटु और राजनीतिक नहीं हैं। और उसकी टिप्पणी के पीछे के आशय को कोई भी समझ सकता है।
ज्ञात हो कि सलमान ने एक पाकिस्तानी टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया कि 26/11 के मुंबई आतंकी हमले से संबद्ध मामले को इसलिए भी तूल मिला क्योंकि इसमें कुलीनों को निशाना बनाया गया था। इसे 'ज्यादा तूल' इसलिए दिया गया था क्योंकि इसमें कुलीन वर्ग को निशाना बनाया गया था और इस हमले में पाकिस्तान सरकार का हाथ नहीं था। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी ट्रेनों और कस्बों पर हमले हुए हैं लेकिन उनकी ऐसी चर्चा नहीं हुई।
सलमान ने कहा, "हर कोई जानता है कि इस हमले के पीछे पाकिस्तान सरकार का हाथ नहीं था और यह एक आतंकी हमला था। हमारा सुरक्षातंत्र नाकाम रहा था। इससे पहले भी हमारे यहां कई बार हमले हो चुके हैं और वे सब पाकिस्तान की तरफ से नहीं किये गये थे।" इससे पहले सलमान के पिता सलीम ने कहा कि उन्हें ऐसी टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। लेकिन इसके साथ ही सलीम ने कहा कि वह बोलने में चतुर और राजनीतिज्ञ नहीं हैं, शायद इसी कारण उनके मुंह से गलत अल्फाज निकल गए।
उन्होंने कहा, "उन्हें आकर (मीडिया के समक्ष आकर) माफी मांगनी चाहिए और वह ऐसा करेंगे.. वह यकीनन माफी मांगेंगे और यह बस (उनकी टिप्पणियों का बार-बार प्रसारण)फौरन बंद होना चाहिए।..मैं यह कहना चाहता हूं कि हम ऐसी चीजें न फैलाएं जो आग में घी का काम करे।" सलमान के भाई अरबाज खान ने यह कहते हुए अपने भाई का बचाव किया, "सलमान ने जो कुछ कहा, वह केवल उनका विचार था। किसी की भावना को ठेस पहुंचाने का उनका इरादा नहीं था।"
उधर सलमान ने माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट ट्विटर पर लिखा है कि विवादों से बचने के लिए वह भविष्य में अपने सभी साक्षात्कारों को खुद भी रिकार्ड करेंगे। सलमान ने लिखा, "हर मनुष्य की जिंदगी समान रूप से कीमती है और दुनिया में कहीं भी किसी तरह की आतंकी कार्रवाई अक्षम्य है।
चाहे वह 9/11 हो या 26/11।"उन्होंने कहा, "मैं किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं चाहता था और किसी को ठेस पहुंची है तो मुझे इसके लिए बहुत, बहुत खेद है।" सलमान के साथ इस तरह की यह पहली घटना नहीं है। सलमान ने मुंबई में 28 सितंबर, 2002 को एक बेकरी में कार घुसा कर एक विवाद को जन्म दिया था। उस घटना में बेकरी के सामने फुटपाथ पर सोए एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे।
इसके अलावा 28 सितंबर, 1998 को जोधपुर के पास चिंकारा हिरण का शिकार करने के आरोप में उन्हें जेल काटना पड़ा था। जोधपुर में वह सूरज बड़जात्या की फिल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग कर रहे थे। ऐश्वर्य रॉय के साथ अपने संबंधों के बारे में विवादास्पद सवाल पूछने पर सलमान ने एक टीवी पत्रकार को थप्पड़ भी जड़ा था।
इधर, दिल्ली में भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने बातचीत में कहा, "सलमान खान के गैर जिम्मेदाराना बयान की हम कड़ी निंदा करते हैं। वह यह कैसे कह सकते हैं कि सिर्फ अभिजात्य वर्ग के लोगों को निशाना बनाया गया था। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि रेलवे स्टेशन पर हुए हमले में आम नागरिक भी मारे गए थे। पाकिस्तानी सरकार और इंटर सर्विसिज इंटेलिजेंस को क्लीन चिट देने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है।"
उन्होंने कहा, "सलमान को अपने इस बयान के लिए तत्काल माफी मांगनी चाहिए।" हुसैन ने कहा, "ऐसे समय में जब मुंबई हमलों से जुड़े सारे सबूत पाकिस्तान और आईएसआई के हाथ होने का इशारा कर रहे हैं, सलमान का यह बयान दुर्भाग्यपूर्ण है।" महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण ने भी सलमान की टिप्पणी की निंदा की है। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान में साजिश रची गई थी। इस मामले में जब अदालत का फैसला आ चुका है, तो ऐसे में सलमान या किसी अन्य की राय के लिए कोई जगह नहीं है।"


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