सुंदर शरीर दिखाने के लिए बेचने के लिए नहीं: राकेश ओमप्रकाश मेहरा
इस साल की बड़ी हिट भाग मिल्खा भाग को पर्दे पर जन्म देने वाले निर्माता-निर्देशक राकेश ओमप्रकाश मेहरा को एक अलग सोच और अलग विजन का व्यक्ति कहा जाता है। जो कि उनकी फिल्मों से स्पष्ट हो जाता है। दिल्ली 6, रंग दे बसंती इसका ताजा उदाहरण है। उनकी फिल्मों की अभिनेत्रियां आज के जमाने में भी सिर से पांव तक ढंकी होने के बावजूद अच्छी और सेक्सी लगती हैं।
लेकिन अपनी कृतियों के बारे में बात करते हुए राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने कहा कि वह फिल्मों में अंगप्रदर्शन के खिलाफ नहीं है लेकिन उन्हें लगता है कि कहानी के डिंमाड पर ऐसा होना चाहिए। जबरदस्ती का अंगप्रदर्शन दर्शकों पर थोपा हुआ लगता है। हमारा शरीर खूबसूरत है, अगर उस खूबसूरती को दिखाया जाये तो गलत नहीं है लेकिन यह खूबसूरती आजकल देह शोषण में तब्दील हो चुकी है।
"फिल्मकार और कलाकार समाज का एक अंग हैं। उन्हें दूषित बनाने की कोई वजह नहीं है। मेरे ख्याल से इसके पीछे सिर्फ ग्लैमर की लालसा होती है। इनको हतोत्साहित किया जाना चाहिए। आयटम सांग के बढ़ते चलन पर भी उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि यह जरूरी है, मेरी नजर में यह कोई कला नहीं है बल्कि यह कला का अपमान है। चीजों का खुलापन एक सीमा तक होना चाहिए।
आगे की खबर स्लाइडों में...


Click it and Unblock the Notifications











