देश प्रेमी हूं, क्या ये बताना हमेशा जरूरी है : अमिताभ बच्चन

अमिताभ ने अपने ब्लॉग पर लिखा, कोई भी काम या योजना जो देश के हित में होती है, उसकी सराहना करते हैं हम और इसका ढिंढोरा हम पीटना नहीं चाहते और ना ही हमें इस का ज्ञान है कि वो पीटा कैसे जाता है। दरअसल अमिताभ का ब्लॉग पढ़ने वाली एक पाठक पूजा ने सवाल उठाया था कि वह अन्ना हजारे के आमरण अनशन पर खामोश क्यों हैं और अन्य कलाकारों की तरह कुछ बोलते क्यों नहीं।
पूजा ने अपनी टिप्पणी में लिखा था, "मैं विश्वास नहीं कर सकती कि लोगों को उन्हें भ्रष्टाचार के खिलाफ लिखने का अनुरोध करना पड़ रहा है। मुझे इस बात का पूरा यकीन है कि यदि उन्हें परवाह होती तो वह ब्लॉग पर इस विषय में लिखने के अलावा भी कुछ करते। यदि यह फिल्म होती, तो वह जरूर जाते और अन्ना हजारे के साथ बैठते व आंदोलन का हिस्सा बनते। मैं उनसे अनशन की उम्मीद नहीं करती लेकिन चाहती हूं कि वह आमिर खान की तरह इस आंदोलन को अपना मुखर समर्थन दें लेकिन वह तो अपनी तीन और पीढ़ियों के लिए धन कमाने में व्यस्त हैं। उनके पास एक 72 वर्षीय बुजुर्ग को समर्थन देने के लिए समय नहीं है।"
अमिताभ इस टिप्पणी से व्यथित हुए और उन्होंने इसका जवाब लिखा, 'मुझे देश के प्रति अपनी निष्ठा बताने के लिए हर दिन छत पर खड़े होकर चिल्लाने की जरूरत नहीं है। मेरी निष्ठा पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। यह बहुत दुखद है कि उन्होंने इस पर मेरा पक्ष जाने बिना मेरे बारे में अपनी राय दे दी।'


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