'हुज़ूर इस क़दर भी ना इतरा के चलिए', 'दिल ढूंढता है फिर वही' सिंगर भूपिंदर सिंह का 82 साल की उम्र में निधन
बॉलीवुड के मशहूर सिंगर भूपिंदर सिंह का 82 साल की उम्र में निधन हो गया। भूपिंदर सिंह, अंधेरी के सिटीकेयर अस्पताल में भर्ती थे जहां उन्होंने 7.45 बजे आखिरी सांस ली। उनकी पत्नी ने IANS से बातचीत में बताया कि वो काफी समय से बीमार चल रहे थे। कुछ समय से उन्हें गुर्दे की भी बीमारी।
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स्वास्थ्य ठीक ना होने के कारण और काफी ज़्यादा दिक्कतों के कारण ही उन्हें मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टर ने बताया कि ईलाज के ही दौरान उन्हें कोविड भी हो गया। उनका शरीर पहले ही कमज़ोर था और इंफेक्शन के ईलाज के दौरान कोरोना संक्रमण और ज़्यादा दिक्कत दे गया।

भूपिंदर सिंह का अंतिम संस्कार, रात में ही ओशीवारा में किया जाएगा। फैन्स लगातार भूपिंदर सिंह को श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके गाए हुए गीत याद कर रहे हैं। भूपिंदर सिंह, सत्ते पे सत्ता, मौसम, दूरियां, आहिस्ता आहिस्ता जैसी फिल्मों के गीतों की आवाज़ बने। ऐसे समय में जब रफी, किशोर और मुकेश की तिकड़ी, संगीत जगत पर राज करती थी, भूपिंदर सिंह की अलग आवाज़ ने अपनी पहचान बनाई।
दिल ढूंढता है फिर वही फुर्सत के रात दिन, उनकी आवाज़ में आज भी दर्शकों के दिल में उतर जाता है तो वहीं हुज़ूर इस क़दर भी ना इतरा के चलिए, संगीत प्रेमियों के फेवरिट गानों में शामिल है। दुक्की पे दुक्की हो या सत्ते पे सत्ता जैसा गाना, उनकी आवाज़ में आज भी चेहरे पर मुस्कुराहट छोड़ देता है। वहीं एक अकेला इस शहर में, बीती ना बिताई रैना जैसे गाने संगीत जगत में एक अलग मुकाम पा चुके हैं। इसके अलावा, भूपिंदर सिंह एक मशहूर ग़ज़ल गायक थे।
भूपिंदर सिंह, अमृतसर से ताल्लुक रखते थे और उन्होंने अपने करियर की शुरूआत ऑल इंडिया रेडियो से की थी। इसके अलावा उन्होंने दिल्ली दूरदर्शन के लिए भी कई शो किए। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और उनके परिवार को ये दुख सहने की शक्ति दे।


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