धक-धक गर्ल माधुरी ने पूरे किये 47 साल.. वो आज भी काफी नमकीन हैं...
जिंदगी भले ही उनकी उम्र में साल का इजाफा कर दें कि लेकिन वो आज भी बेपानह हुस्न की मल्लिका हैं तभी तो दिंवगत पेंटर एम जे एफ हुसैन को उनसे अस्सी बरस की उम्र में और नये नवेले रणवीर कपूर को उनसे बाली उम्र में प्यार हो गया था। जी हां हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड दिवा माधुरी दीक्षित की। बच्चों से लेकर बुजर्गों तक की पहली पसंद माधुरी ना केवल सूरत से सुंदर है बल्कि उनकी सीरत भी उनकी सूरत की तरह खूबसूरत है।
माधुरी दीक्षित ने भारतीय हिन्दी फ़िल्मो मे एक ऐसा मुकाम तय किया है जिसे आज की अभिनेत्रियाँ अपने लिए आदर्श मानती है । उनके पास लाजवाब नृत्य और स्वाभाविक अभिनय का ऐसा जादू है जिससे माधुरी पूरे देश की धड़कन बन गयी।
तेज़ाब, राम लखन, परिंदा,साजन,खलनायक, दिल,बेटा, हम आपके हैं कौन, दिल तो पागल है, लज्जा, पुकार, देवदास जैसी फिल्मों में माधुरी की अदाकारी ने सबका दिल जीत लिया। हालांकि उनकी कम बैक फिल्म आजा नचले बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल तो नहीं दिखा पाई मगर 1999 के बाद माधुरी को फिर से बड़े परदे पर देख उनके फैंस का दिल बाग-बाग हो गया।
15 मई 1967 मुंबई मे मराठी ब्राह्मण परिवार में माधुरी दीक्षित का जन्म हुआ। पिता शंकर दीक्षित और माता स्नेह लता दीक्षित की लाडली माधुरी बचपन से डॉक्टर बनने की चाह थी और शायद यह भी एक वज़ह रही की माधुरी ने अपना जीवन साथी श्री राम नेने को चुना जो की पेशे से एक चिकित्सक है।
डिवाइन चाइल्ड हाई स्कूल से पढने के बाद माधुरी दीक्षित ने मुंबई यूनिवर्सिटी से स्नातक की शिक्षा पूरी कि और बचपन से ही नृत्य मे रूचि थी जिसके लिए माधुरी ने आठ वर्ष का प्रशिक्षण लिया। अपने सशक्त अभिनय और कातिलाना मुस्कान से वो आज भी लाखों दिलों में राज कर रही है ।
हिंदी फिल्म जगत में मधुबाला के बाद अगर किसी की मुस्कान का जिक्र होता है तो वो माधुरी दीक्षित ही है । हम भी दिल से दुआ करते हैं कि माधुरी आप सदियों तक अपनी मधुर मुस्कान के साथ कामयाबी के शिखर पर जगमगातीं रहें।
आप भी अपनी चहेती अदाकारा माधुरी को जन्मदिन की हमारे जरिये शुभकामनाएं दे सकते हैं। अपनी शुभकामनाएं नीचे कमेंट बॉक्स में दर्ज करायें...


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