ऑनर किलिंग्स पर फिल्म
परिवार की इज़्ज़त बचाने के लिये ब्रिटेन में होने वाली तथाकथित हत्याओं पर आधारित है ब्रिटिश फिल्म ऑनर किलिंग्स. अवतार भोगल इस फिल्म के निर्देशक हैं और इसमें भारत, पाकिस्तान और ब्रिटेन के कलाकार अभिनय कर रहे हैं.
फिल्म की ख़ासियत ये भी है कि ये पूरी तरह इंग्लैंड में शूट की गई है और ये हिंदी के अलावा अंग्रेज़ी और पंजाबी में भी बनाई जा रही है. पंजाबी में फिल्म का नाम होगा रब्बा माफ करे.
फिल्म में मुख्य भूमिकाएं निभाई हैं प्रेम चोपड़ा, गुलशन ग्रोवर और टॉम ऑल्टर जैसे हिंदी फिल्मों के जाने-माने चेहरे. इसके अलावा पाकिस्तानी एक्टर जावेद शेख, एक्ट्रैस ज़ारा शेख़, ब्रिटिश एक्टर्स संदीप सिंह और सिंडी सिद्धू भी इस फिल्म में नज़र आएंगे.
कहानी
आज की औरत और ज़ख़्मी औरत जैसी बॉलीवुड फिल्में बना चुके अवतार भोगल अब इंग्लैंड में रहते हैं. उन्होंने बीबीसी को बताया कि ऑनर किलिंग्स एक सिख लड़के और मुसलमान लड़की की प्रेम कहानी है.
ब्रिटेन में रहने वाले कई समुदाय अब भी इस बात को पसंद नहीं करते कि उनके बच्चे, ख़ासकर लड़कियां, अपनी पसंद का जीवनसाथी चुने और ऐसे में परिवार की इज़्ज़त बचाने के लिये वो इनकी हत्या कर देते हैं.
अवतार कहते हैं, "मैं अख़बारों में इस तरह की हत्याओं के बारे में पढ़ता था और ये मुझे परेशान करती थीं. मैं इस विषय के बारे में फिल्म बनाना चाहता था. भारतीय उपमहाद्वीप से बाहर इतने साल रहने के बावजूद ये लोग अब भी अपनी सोच नहीं बदल पाए हैं. क्या किसी की भी हत्या इसलिये करना जायज़ है क्योंकि वो किसी और धर्म के व्यक्ति से प्यार करता है. इस तरह की हत्याओं में कुछ भी सम्मानजनक नहीं होता."
फिल्म की कहानी तीन पीढ़ियों के इर्द-गिर्द घूमती है. हिंदी फिल्मों के जाने-माने अभिनेता गुलशन ग्रोवर एक सरदार की भूमिका निभा रहे हैं जिसका बेटा एक मुस्लिम लड़की को पसंद करता है.
गुलशन ने बीबीसी को बताया कि हालांकि ऑनर किलिंग्स का विषय काफी गंभीर है लेकिन ये व्यवसायिक फिल्म है जिसमें किसी भी हिंदी फिल्म की ही तरह नाच-गाना भी है. फिल्म स्लमडॉग मिलियनेयर में जय हो गाने के कोरियोग्राफर लॉंजी फर्नाडिज़ ने ऑनर किलिंग्स में एक गाना कोरियोग्राफ किया है.
फिल्म में पाकिस्तानी अभिनेत्री ज़ारा शेख़ मुस्लिम लड़की बनी हैं. अपने किरदार के बारे ज़ारा ने बीबीसी को बताया, "मैं एक पठान लड़की का रोल कर रही हूं जो एक सिख लड़के से प्यार करती है. वो एक सीधी-सादी लड़की है जो लंदन में पली-बढ़ी है. वो पर्दा तो करती है लेकिन पढ़ी-लिखी और आधुनिक है."
ज़ारा कहती हैं, "मुझे इस फिल्म की कहानी बाकी कहानियों से अलग लगी थी और इसलिये मैंने इसे करने का फैसला किया. इस फिल्म में एक पैग़ाम है कि हम अपने आसपास कुछ भी ग़लत होता देखें तो हमें उसे रोकना चाहिये."
फिल्म के अगले साल अप्रैल या मई में रीलिज़ होने की संभावना है.


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