खलनायकों का दौर खत्‍म हुआ

दरअसल पटकथाओं में अंतर की वजह से खलनायकों की कहानी बदलने लगी है, अब तो खलनायक का किरदार निभाने वाले पर्दे मुख्य किरदार में नजर आते हैं।
प्रसिद्ध फिल्म निर्माता श्याम बेनेगल ने इस बारे में बताया, "फिल्मों में पहले नैतिकता का कहानी कही जाती थी। मसलन एक अच्छा आदमी होता है और एक बुरा लेकिन आज जो फिल्में बन रही हैं वे सभी असली जिंदगी के सवालों को उठाती हैं।" बेनेगल ने कहा कि इस दौर में यर्थाथवादी फिल्में बन रही हैं।
समाचार चैनल एनडीटीवी के फिल्म मामलों के सलाहकार संपादक अनुपम चोपड़ा का कहना है कि इन दिनों यर्थाथ विषयों पर फिल्में बन रही हैं जहां जीवन के असली रंग को पेश किया जाता है।


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