'जब नवाब और तवायफ मिलती हैं तो मोहब्बत नहीं...' हीरामंडी पर शेखर सुमन का बवाल

Shekhar Suman On Heeramandi: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता शेखर सुमन इन दिनों अपनी वेब सीरीज 'हीरामंडी' को लेकर काफी सुर्खियों में है। इस वेब सीरीज में उन्होंने नवाब की भूमिका निभाई और आपको बता दें कि अब उनको इस बात का दुख है कि उन्हें इस तरीके के रोल ऑफर नहीं होते जिनके वह हकदार हैं। उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान इन सभी मुद्दों पर बात की है।
शेखर सुमन ने इस पर बात करते हुए कहा कि "मुझे इस बात का दुख है कि वह रोल, जो मैं कर सकता हूं वह मुझे नहीं मिले। मेरे दोस्त, पत्नी सब पूछा करते थे कि आप एक्टिंग कब करेंगे? लेकिन इसका मेरे पास में कोई जवाब नहीं होता था। किस्मत भी अलग खेल खेलती है। सही वक्त पर आपको सही काम मिल जाता है। जब संजय लीला भंसाली साहब के यहां से हीरामंडी के लिए फोन आया तो वह काफी खुशी का समय था।"
शेखर सुमन ने आगे कहा कि "सबका कहना है कि एक्टिंग में हमेशा नजर आना बहुत जरूरी है। लेकिन मैं इन सब से इत्तेफाक नहीं रखता। दिलीप कुमार साहब साल में एक या दो फिल्में करते थे और आमिर खान साहब भी अपने किरदार मेंपूरी तरह डूब जाते हैं। फिर भी लोगों ने देखना पसंद करते हैं। मैं भी ऐसा ही काम करना चाहता हूं। घर चलाने और पैसे के लिए कुछ भी नहीं कर सकता।"
शेखर सुमन ने बाद में इस बात का भी खुलासा किया कि उन्होंने देवदास फिल्म में संजय लीला भंसाली के साथ काम करने का मौका हाथ से गंवा दिया था। एक्टर ने इस पर बात करते हुए कहा की व्यस्तता की वजह से मैंने उस मौके को खो दिया था। हीरा मंडी के वक्त उन्होंने मुझे जुल्फिकार के रोल के लिए बुलाया। लेकिन मैं नवाब के किरदार में हूं। जब नवाब और तवायफ मिलते हैं तो वहां मुहब्बत नहीं बल्कि एक दूसरे को इस्तेमाल करने की मंशा रहती है। शो में भी कुछ ऐसा ही है।


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