हर महीने 4 लाख रुपये मिलते ही हसीन जहां ने हाई किए रेट, बोलीं- अब 10 लाख... महंगाई बढ गई है..

Hasin Jahan Demands 10 Lakhs: टीम इंडिया के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और हसीन जहां के बीच तनातनी चलती ही रहती है। हाल ही में कलकत्ता हाई कोर्ट की ओर से हर महीने शमी को हसीन जहां और बेटी आइरा को 4 लाख रुपये मासिक गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया। ये आदेश जहां हसीन जहां की बड़ी जीत के तौर पर देखा जा रहा था तो वहीं अब उनका कहना है कि वो इससे खुश नहीं हैं। इसके साथ ही हसीन जहां ने अपनी डिमांड भी खुलकर रखी है। हसीन जहां का कहना है कि वो दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटाएंगी।
हाई कोर्ट के फैसले से खुश हसीन जहां
कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार (1 जुलाई) को क्रिकेटर को निर्देश दिया था कि वह अपनी अलग रह रही पत्नी और बेटी को कानूनी लड़ाई के दौरान हर महीने चार लाख गुजारा भत्ता दें। कोर्ट ने पत्नी को 1.5 लाख और बेटी आयरा को 2.5 रुपये हर महीने देने का फैसला सुनाया। फैसला सात पहले से लागू होगा। इसी फैसले को लेकर मीडिया से बात करते हुए हसीन जहां ने रिएक्ट किया है। हसीन जहां ने जिला सत्र अदालत के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया था, जिसमें शमी को 2023 में पत्नी को 50 हजार और बेटी को 80 हजार रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था।
हसीन जहां ने की 10 लाख की डिमांड
हसीन जहां ने बुधवार को पीटीआई से कहा, ''पति के स्टेटस और आय के हिसाब से मेंटेनेंस तय किया जाता है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देश के अनुसार, पति की जिस तरह की लेविश लाइफ और स्टेटस होगा, उसी तरह का स्टेटस उसकी पत्नी और बच्चों का होना चाहिए। शमी का जो स्टेटस और आय है, जिस तरह का उसका लाइफस्टाइल है, उस हिसाब से चार लाख रुपये कम हैं। हमने 10 लाख रुपये की डिमांड की थी, वो भी सात साल पहले। उस हिसाब से अब महंगाई बढ़ गई है। हम फिर से अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। हाईकोर्ट का फैसला मेरे लिए बहुत बड़ी जीत है। आगे की जीत के लिए बहुत बड़ा रास्ता खुला है। मैं इस ऑर्डर की सराहना करती हूं।''
शमी हसीन का रिलेशन
जानकारी के लिए आपको बता दें कि शमी ने 2014 में हसीन जहां से शादी की थी। बेटी का जन्म 2015 में हुआ। शमी से शादी करने से पहले हसीन जहां कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के लिए मॉडल और चीयरलीडर के रूप में काम करती थीं। उन्होंने 2018 में शमी पर घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया था। तभी से मामला अदालत में चल रहा है। दोनों अभी तक कानूनी रूप से दोनों अलग नहीं हुए हैं।
मैच फिक्सिंग के आरोप
उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि शमी ने अपने परिवार का खर्च चलाने के लिए पैसे देना बंद कर दिया था। वह शमी पर मैच फिक्सिंग का इल्जाम भी लगा चुकी हैं। इस आरोप के बाद बीसीसीआई ने 34 वर्षीय तेज गेंदबाज के केंद्रीय अनुबंध पर रोक लगा दी थी। बाद में बोर्ड ने जांच की और शमी को मैच फिक्सिंग के आरोपों से मुक्त कर दिया था।


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