बॉलीवुड के मि. भारत यानी मनोज कुमार का जन्मदिन आज

उनकी पहली हिट फिल्म हरियाली और रास्ता (1962) थी। उन्होंने वो कौन थी, हिमालय की गोद में, गुमनाम, दो बदन, पत्थर के सनम, यादगार, शोर, सन्यासी, दस नम्बरी और क्लर्क जैसी अच्छी फिल्मों में काम किया। उनकी आखिरी फिल्म मैदान ए जंग (1995) थी।
उनके अभनिय में इतना दम था कि लोगों को लगता था कि पर्दे पर कोई सच में भारत माता का सपूत खड़ा है जिसके लिए अपने देश से बढ़कर कुछ नहीं है। बहुमुखी प्रतिभा के धनी मनोज कुमार को अपनी फिल्म शहीद के लिए सर्वश्रेष्ठ कहानीकार का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया था। मनोज ने अपने कॅरियर में शहीद, उपकार, पूरब और पश्चिम और क्रांति जैसी देशभक्ति पर आधारित अनेक बेजोड़ फिल्मों में काम किया।
शहीद के दो साल बाद उन्होंने बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म उपकार का निर्माण किया। उसमें मनोज ने भारत नाम के किसान युवक का किरदार निभाया था, इस फिल्म में बदलते भरत की तस्वीर थी जिसे जिसने देख बस उन्ही का होकर रह गया। उपकार को सर्वश्रेष्ठ फिल्म, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, सर्वश्रेष्ठ कथा और सर्वश्रेष्ठ संवाद श्रेणी में फिल्मफेयर पुरस्कार मिला था।
मनोज कुमार की आवाज थे महेन्द्र कपूर
फिल्म को द्वितीय सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार तथा सर्वश्रेष्ठ संवाद का बीएफजेए अवार्ड भी दिया गया। मनोज कुमार को वर्ष 1972 में फिल्म बेईमान के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और वर्ष 1975 में रोटी कपड़ा और मकान के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक का फिल्मफेयर अवार्ड दिया गया था। बाद में वर्ष 1992 में उन्हें पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया। हमारी टीम की ओर से भी मनोज कुमार को उनके जन्म दिन की बहुत बधाई।


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