जन्मदिन मुबारक हो माधुरी दीक्षित

उनके पास लाजवाब नृत्य और स्वाभाविक अभिनय का ऐसा जादू था जिससे माधुरी पूरे देश की धड़कन बन गयी। तभी तो कथक विशेषज्ञ संदीप महावीर का कहना है धक-धक गर्ल माधुरी दीक्षित के बॉलीवुड को अलविदा कहने से शास्त्रीय नर्तकियों का युग खत्म हो गया। महावीर कहते हैं कि माधुरी के इंडस्ट्री छोड़ने के बाद यहां शास्त्रीय नृत्य में परिपक्व कोई अभिनेत्री नहीं आई।
भले ही माधुरी शादी के बाद इक्का दुक्का फिल्मों में ही नज़र आई हों मगर फैंस के दिल पर तो आज भी उनका राज़ है। तेज़ाब, राम लखन, परिंदा,साजन,खलनायक, दिल,बेटा, हम आपके हैं कौन, दिल तो पागल है, लज्जा, पुकार, देवदास जैसी फिल्मों में माधुरी की अदाकारी ने अपना दिल जीत लिया।
हालांकि उनकी कम बेक फिल्म आजा नचले बॉक्स ऑफिस पर कुछ खास कमाल तो नहीं दिखा पाई मगर 1999 के बाद माधुरी को फिर से बड़े परदे पर देख उनके फैंस का दिल बाग-बाग हो गया।
देखें : माधुरी की दिलकश अदाएं
15 मई 1967 मुंबई मे मराठी ब्राह्मण परिवार मे माधुरी दीक्षित का जन्म हुआ। पिता शंकर दीक्षित और माता स्नेह लता दीक्षित की लाडली माधुरी बचपन से डॉक्टर बनने की चाह थी और शायद यह भी एक वज़ह रही की माधुरी ने अपना जीवन साथी श्री राम नेने को चुना जो की पेशे से एक चिकित्सक है।
डिवाइन चाइल्ड हाई स्कूल से पढने के बाद माधुरी दीक्षित ने मुंबई यूनिवर्सिटी से स्नातक की शिक्षा पूरी कि और बचपन से ही नृत्य मे रूचि थी जिसके लिए माधुरी ने आठ वर्ष का प्रशिक्षण लिया। अपने सशक्त अभिनय और कातिलाना मुस्कान से वो आज भी लाखों दिलों में राज कर रही है ।
हिंदी फिल्म जगत में मधुबाला के बाद अगर किसी की मुस्कान का जिक्र होता है तो वो माधुरी दीक्षित ही है । हम भी दिल से दुआ करते हैं कि माधुरी आप सदियों तक अपनी मधुर मुस्कान के साथ कामयाबी के शिखर पर जगमगातीं रहें।


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