4 शादियों वाले किशोर कुमार को गूगल ने ठोंका सलाम
आज हिंदी सिनेमा के नाजनीनों में से एक किशोर कुमार का जन्मदिन है। भले ही वो आज हमारे बीच में ना हो लेकिन उनके नगमें आज भी लोग गुनगुनाते हैं। वक्त बदला, दौर बदला, कई गायक आये और गये लेकिन किशोर कुमार की जगह किसी ने नहीं ली। उनकी आवाज आज भी लोगों को मदहोश कर देती है।
4 शादियों वाले किशोर कुमार को गूगल ने ठोंका सलाम
चाहें रोमांस हो, छेड़ खानी हो या फिर दर्द हर रंग में सजी उनकी आवाज आज भी लोगों के दिल को बेकरार कर जाती है। तभी तो आज देश के इस नायाब हीरो और गायक किशोर कुमार को दुनिया के सबसे बड़े सर्च इंजन गूगल ने अपने डूडल के जरिये सलाम किया है।अगर मुकेश शो मैन राजकपूर की आवाज थे तो किशोर दा की सुरमयी आवाज ने राजेश खन्ना और अमिताभ बच्चन को सुपरस्टार बनाया।
'आराधना' फिल्म से किशोर कुमार ने सफलता के झंडे गाड़े 4 अगस्त 1929 को खंडवा के एक बंगाली परिवार में पैदा हुए किशोर कुमार का नाम अभास कुमार गांगुली रखा गया था। लेकिन घर में सबसे छोटे होने के कारण उन्हें प्यार से किशोर दा बुलाया जाता था। उनके पिता एक वकील थे और माता एक अच्छे परिवार से ताल्लुक रखती थी। मध्य प्रदेश के खंडवा में 18 साल तक रहने के बाद किशोर कुमार को उनके बड़े भाई अशोक कुमार मुंबई बुला लिया और वहीं उनकी मुलाकात महान संगीतकार एसडी वर्मन से हुई थी।
वर्मन साहब की इसी बात ने किशोर कुमार को एक नया मोड़ दिया। कम ही लोग जानते हैं कि बाद में किशोर कुमार ने एसडी वर्मन के लिए 112 गाने गाए। और उनका ये सफर किशोर के आखिरी दिनों तक जारी रहा। जीवन का हर रंग उनकी आवाज में दिखता है 1958 में किशोर कुमार को पहली बार फिल्मों में अभिनय करने का मौका मिला। फिल्म का नाम था चलती का नाम गाड़ी।
किशोर कुमार की जिंदगी की कुछ और बातों को हम स्लाइडों के जरिये जानते हैं।


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