दादासाहेब पुरस्कार विजेता गुलजार साहब से ही गुलजार है हिंदी सिनेमा
हिंदी सिनेमा के मशहूर शायर, कवि, लेखक, निर्देशक गुलजार को 2013 के दादासाहेब पुरस्कार लिए चुना गया है। अभूत पूर्व प्रतिभा के धनी गुलजार ने बीते चालीस सालों से हिंदी सिनेमा को अपनी मेहनत और कलम से मुस्कुराने, हंसाने, रोने और खुश होने का मौका दिया है। अपनी इस कामयाबी पर गुलजार ने कहा कि अवार्ड यह बताता है कि आप और आपका काम सही ट्रैक पर चल रहे हैं।
मैं देश की सारी जनता का तहेदिल से शुक्रिया अदा करता हूं जिनकी बदौलत मुझे अवार्ड नसीब हुआ और मेरी जिंदगी में यह दिन आया। आपको बता दें कि केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से शनिवार को घोषणा की गई कि वर्ष 2013 का दादासाहेब फाल्के पुरस्कार गुलजार को दिया जाएगा। गुलजार का पूरा नाम संपूरण सिंह कालरा है। गुलजार दादासाहेब फाल्के पुरस्कार पाने वाले 45वें व्यक्ति हैं।
राखी के लिए गुलजार का ..दिल आज भी बच्चा ही है...
मालूम हो कि गुलज़ार ने अभी तक 20 से अधिक फिल्मफेयर,कई राष्ट्रीय पुरुस्कार के और अंतर्राष्ट्रीय ग्रैमी अवार्ड अपने नाम कर चुकें हैं। साहित्य में बेहतरीन योगदान के चलते उन्हें पद्मभूषण और साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा जा चुका है।
भारत सरकार द्वारा यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा की प्रगति और विकास में योगदान के लिए दिया जाता है। गुलजार की इस कामयाबी पर फिल्म जगत ने भी उन्हें बधाईयां दी है।
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