1972 फिल्म बावर्ची
इट इज सो सिंपल टू बी हैप्पी बट इट इज सो डिफिकल्ट टू बी सिंपल(खुश रहना एक सीधी- सादी बात है लेकिन सीधा- सादा रहना बहुत मुश्किल है। ) किसी बड़ी खुशी के इंतजार में हम ये छोटी- छोटी खुशियों के मौके खो देते हैं। अरे बड़ी बडी़ खुशियों के मौके तो सिर्फ दस- बीस होते हैं लेकिन ये जो लाखों छोटी- छोटी खुशियों के पल हैं उन्हें हम गंवा देते हैं।

1972 में ही राजेश खन्ना और जया भादुरी की फिल्म बावर्ची भी रिलीज हुई फिल्म में राजेश खन्ना ने रघु नाम का किरदार निभाया है। राजेश खन्ना शर्मा फैमिली में बावर्ची बन के जाता है और पूरे परिवार में चल रहे मतभेदों को दूर कर एक खुशहाल परिवार में तब्दील करता है।


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