अभिनेता फिरोज खान नही रहे!
बॉलीवुड अभिनेता व निर्देशक फिरोज खान का बंगलुरू स्थित निवास स्थान पर रविवार देर रात निधन हो गया। 70 वर्षीय फिरोज खान लम्बे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे थे।
उन्होंने बॉलीवुड में प्रवेश वर्ष 1960 में फिल्म 'दीदी' से किया था। उन्होंने लोकप्रिय फिल्म 'धर्मात्मा' का निर्माण और निर्देशन किया था। इस फिल्म में उन्होंने अभिनय भी किया था।
'धर्मात्मा' बॉलीवुड की पहली ऐसी फिल्म थी, जिसकी शूटिंग अफगानिस्तान में हुई थी। इनकी दो संताने हैं। पुत्र फरदीन खान बॉलीवुड अभिनेता हैं। उनकी पुत्री का नाम लैला है।
पाँच दशक का सफ़र
वर्ष 1960 में दीदी फ़िल्म से अपना सफ़र शुरू करनेवाले फ़िरोज़ ख़ान ने दर्जनों फ़िल्मों में काम किया, कई निर्देशित कीं और कई फ़िल्मों में अलग-अलग भूमिकाओं के तौर पर जुड़े रहे।
लगभग पाँच दशक का फ़िल्मी सफ़र तय करते हुए फ़िरोज़ ख़ान अपनी आखिरी फ़िल्म देते हैं 2007 में. उनकी आखिरी फ़िल्म थी वेल्कम जिसमें वो अपने ख़ास अंदाज़ में सामने आए।
आदमी और इंसान के लिए फ़िल्म फ़ेयर अवार्ड पाने वाले फ़िरोज़ ख़ान ने उंचे लोग, मैं वही हूं, अपराध, उपासना, मेला, आग जैसी फ़िल्मों से पहचान मिली.
धर्मात्मा, जानबाज़, क़ुर्बानी, दयावान जैसी फ़िल्मों ने उन्हें शोहरत दिलाई।
फ़िरोज़ ख़ान अपनी ख़ास शैली, अलग अंदाज़ और किरदारों के लिए जाने जाएंगे. कहीं वो एक सुंदर, सजीले हीरो की भूमिका में हैं तो कहीं एक खूंखार विलेन के रोल में. दोनों में ही फ़िरोज़ ख़ान जान डालते रहे हैं।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
बंगलौर में ही वर्ष 1939 में 25 सितंबर को फ़िरोज़ ख़ान का जन्म हुआ एक पठान पिता और एक ईरानी माँ के घर में.
फ़िरोज़ ख़ान के तीन और भाई भी फ़िल्मों की दुनिया से जुड़े. एक भाई हैं संजय ख़ान, दूसरे अक़बर ख़ान और तीसरे हैं समीर ख़ान. जहाँ संजय और अक़बर ने अभिनय में हाथ आज़माए वहीं समीर फ़िल्म निर्माता बने.
संजय ख़ान की बेटी और फ़िरोज़ ख़ान की भतीजी सुज़ान की शादी हुई है फ़िल्मकार राकेश रोशन के बेटे और आज के दौर के स्टार माने जाने वाले ऋतिक रोशन से.
फ़िरोज़ ख़ान ने सुंदरी के साथ अपनी ज़िंदगी का सफ़र 1965 में शुरू किया पर 20 साल बाद यानी 1985 में दोनों के बीच तलाक हो गया था।


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