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    कई डूबते करियर को संभाल कर फराह खान कहती हैं 'मैं हूं ना'!

    By Trisha
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    मुंबई। फराह खान मतलब मसाला, तड़का और एक फुल क्लास इंटरटेनमेंट फिल्म जिसकी कहानी पूरी फिल्मी। बस जब भी फराह खान की फिल्म जाएं दिमाग पे ज़्यादा लोड नहीं देने का क्योंकि यही फराह का स्टाइल है।

    लेकिन फराह का एक और स्टाइल है जो बेहद जुदा और फ्रेंडली है। ये है फराह की फिल्मों की स्टारकास्ट। दरअसल फराह खान अपनी हर फिल्म से किसी न किसी का करियर संवारने की कोशिश कर जाती हैं।
    मैं हूं ना
    इस फिल्म में फराह खान ने ज़ाएद खान और अमृता राव को चमका दिया था। ज़ाएद खान के पास उस दौरान करियर के नाम पर कुछ नहीं बचा था तो अमृता राव फिल्में करने के बाद भी चल नहीं रहीं थीं। बस फराह ने उन्हें कास्ट कर लिया। और ज़ाएद - अमृता की तारीफ भी हुई। इसके अलावा फराह खान की इस फिल्म से लाइमलाइट में आ गईं राखी सावंत।

    ओम शांति ओम
    हैपीज़ एंडिग्स के साथ हूी इस फिल्म ने हैपीज़ बिगिनिन्ग्स की अर्जुन रामपाल और श्रेयस तलपड़े के लिए। अर्जुन के पास एक सब कुछ होने के बाद भी फ्लॉप फिल्मों की एक लंबी लिस्ट थी। वहीं श्रेयस तलपड़े के पास अच्छी फिल्मों के बावजूद सफलता नहीं थी। वहीं युविका चौधरी ने दास्ताने ओम शांति ओम के ज़रिये सफलता बटोरीं। फराह खान ने उन्हें भी एक अच्छा प्लेटफॉर्म दिया।

    तीस मार खान
    फराह खान इस फिल्म से जादू तो नहीं चला पाईं पर अक्षय खन्ना काफी समय बाद परदे पर दिखाई दिये। इसके अलावा इंडस्ट्री को पता चला कि आर्य बब्बर जैसा कोई एक्टर भी है। हालांकि आर्य बब्बर के लिए इस फिल्म के बाद स्ट्रगल थोड़ा कम हुआ और वो आज कल बिग बॉस में जलवे बिखेर रहे हैं।

    हैप्पी न्यू ईयर
    अभिषेक बच्चन बहुत टैलेंटेड हैं लेकिन उनका करियर हिचकोले बहुत खाता है। फिलहाल उनके जीवन में ऐसा हूी वक्त चल रहा है। देखा जाए तो पा के बाद उनके खाते में कोई बड़ी सफलता नहीं है। सोनू सूद इंडस्ट्री के काफी अंडर रेटेड हीरो हैं। उनके पास अच्छे लुक्स हैं, टैलेंट है पर फिल्में नहीं। उम्मीद है कि फराह खान ने 2015 उनके लिए हैप्पी न्यू ईयर बना दिया हो।
    वहीं विवान शाह इस फिल्म से अपने करियर की शुरूआत करने जा रहे हैं। नसीरुद्दीन शाह ने तो यहां तक कह डाला है कि फराह और शाहरूख से अच्छे गुरू विवान को नहीं मिल सकते।

    कुल मिलाकर बात ये कि फराह ने लोगों को सेकंड चांस दिया है। उन्हें टैलेंट की पहचान और कदर दोनों हैं। कभी उनका सेलेक्शन सुपरहिट रहा है और कभी फ्लॉप लेकिन लोगों के डूबते करियर को उन्होंने अपनी फिल्मों के साथ 'मैं हूं ना' तो कहा ही है।

    English summary
    Farah Khan can be said as the robinhood direftor. She has gone beyond the safe line to explore talent which otherwise has been unproven for the industry. Be it Zayed-Amrita for Main Hoon Naa, Arjun - Shreyas for Om Shanti Om, Arya Babbar-Akshaye Khanna for Tees Maar Khan or Abhishek Bachchan and Sonu Sood for Happy New Year.
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