'कहानी घर-घर की' में भी 'आरुषि हत्याकांड'

उल्लेखनीय है कि 'बालाजी टेलीफिल्म्स' के अन्य धारावाहिकों सहित 'कहानी..' में भी हत्या जैसी वारदातें अक्सर देखने को मिलती हैं। यहां तक कि उनमें ऐसी वारदातें करने वाले अक्सर उन्हीं परिवारों से जुड़े होते हैं।
ऐसे में अब इन धारावाहिकों में अब क्या नया करने जा रहे हैं, यह पूछने पर बालाजी की सीनियर क्रिएटिव डायरेक्टर निवेदिता बासु कहती हैं, "मैं मानती हूं कि हमारे धारावाहिकों में अब तक हत्या जैसी वारदातों को दिखाया गया है, लेकिन वे सारे कत्ल अब तक पैसों या रिश्तों के खोने के डर से किए गए थे। टेलीविजन धारावाहिक की दुनिया में 'ऑनर कीलिंग' की घटना पहली बार दिखाई जाएगी।"
'ऑनर कीलिंग' यानी इज्जत बचाने के लिए की गई हत्या। आरुषि हत्याकांड में पुलिस ने मीडिया के सामने जो तर्क दिए थे, उसके मुताबिक डॉक्टर पिता राजेश तलवार ने अपनी इज्जत बचाने के लिए बेटी की हत्या की । पुलिस ने तर्क दिया था कि राजेश के नाजायज संबंध के विषय में आरुषि को मालूम हो गया था। उसे डर था कि आरुषि इस संबंध में किसी को बता न दे।
बहरहाल, धारावाहिक में पार्वती की 14 वर्षीय पोती तनु की हत्या हो जाती है। हत्या का संदेह परिवार के ही किसी सदस्य पर है। अब देखना यह है कि बालाजी इसका अंत आरुषि हत्याकांड की तरह ही करेगा या फिर अपने पुराने अंदाज में..।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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