चोटी में ही उसकी ताकत है: एक थी डायन
डायनों की इस कहानी में एक तरफ जहां इमरान हाशमी एक डायन के डर के साये तले गुजरते हुए दिखाया गया है और जवान होने के बाद भी वो कई बार उसी डायन को लेकर परेशान रहता है। इमरान हाशमी के साथ ही लोगों को डराती हूई कोंकड़ा सेन शर्मा, काल्की कोचलीन औऱ हुमा कुरैशी ने अपनी आवाज और अपने एक्सप्रेशन्स के जरिये सभी को हैरान कर दिया। काफी समय बाद कोई ऐसी फिल्म आई है जिसमें वाकई में डरावनापन है। नहीं तो आजकल की हॉरर फिल्में तो कॉमेडी फिल्मों की तरह ही होती हैं। जिनमें भूत को देखकर हंसी आती है।
फिल्म में एक छिपकली को भी दिखाया गया है तो कि असल में डायन का ही रुप है। डायन हमेशा ही छिपकली का रुप धऱकर लोगों को मारती है। फिल्म मे डायनों के उन्हीं गुणों को दिखाया गया है जो कि हमने बचपन में कहानियों में सुने थे। जैसे कि डायनों की लंबी काली चोटी होती है और उस चोटी में ही डायनों की सारी ताकत होती है। डायनों के पैर उलटे हुोते हैं। उनकी आंखें काली काली और बड़ी होती हैं। हर लीप ईयर में उन्हें एक बच्चे की बलि देनी होती है ताकि उनकी ताकत बढ़ सके। फिल्म में डायन का असली चेहरा देख वाकई आप डर जाएंगे। फिल्म देखने जाते वक्त आपको अपने साथ एक हुनुमान चालीसा जरुर रखनी चाहिए ताकि फिल्म के बाद आपको ये डायन सताए ना। फिल्हाल कुल मिलाकर ये कहा जा सकता है कि एक थी डायन फिल्म काफी मनोरंजक और हॉरर है। दिल के मरीजों के लिए तो ये फिल्म नहीं बनी है।


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