युवराज से लेकर सोनू सूद तक, ED की जांच में आए मशहूर सेलेब्रिटी, जल्द करोड़ों की प्रॉपर्टी होगी जब्त

ED OneXBet money laundering case 2025: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और गेमिंग प्लेटफॉर्म वनXबेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, एजेंसी जल्द ही इस केस में शामिल कुछ खिलाड़ियों और फिल्मी सितारों की करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टीज जब्त करने का ऑर्डर पास कर सकती है।
कैसे फंसे सितारे?
जांच में सामने आया है कि जिन हस्तियों ने वनXबेट का प्रमोशन किया था, उन्हें मोटी रकम एडवरटाइजमेंट फीस के रूप में दी गई थी। बाद में उन्होंने इस पैसे से कई कीमती प्रॉपर्टीज संपत्तियां खरीदीं। ED का मानना है कि यह रकम "क्राइम से कमाई गई कमाई" (proceeds of crime) है, इसीलिए इसे कुर्क किया जाएगा। सूत्रों के मुताबिक, इनमें से कुछ प्रॉपर्टीज विदेश, खासकर यूएई में भी पाई गई हैं और जिसकी जांच जारी है।
बड़े नामों से हुई पूछताछ
पिछले कुछ हफ्तों में एजेंसी ने कई नामचीन खिलाड़ियों और अभिनेताओं से पूछताछ की। इसमें क्रिकेटर युवराज सिंह, सुरेश रैना, रॉबिन उथप्पा और शिखर धवन जैसे दिग्गज शामिल हैं। वहीं, फिल्मों से जुड़े नामों में एक्टर सोनू सूद, अभिनेत्री और पूर्व सांसद मिमी चक्रवर्ती, उर्वशी रौतेला और बांग्ला एक्टर अंकुश हाजरा से भी सवाल-जवाब किए गए। इसके अलावा कुछ सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स को भी तलब किया गया। सभी से PMLA की धारा 50 के तहत बयान लिए गए हैं।
उर्वशी रौतेला को भी भेजा गया समन
वनXबेट की ब्रांड एंबेसडर एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला को भी जांच के सिलसिले में तलब किया गया था। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, वो उस समय विदेश में होने की वजह से अपना बयान दर्ज नहीं करा सकीं। जिनसे भी पूछताछ की गई है, उन्होंने जांच अधिकारियों को अपने खातों और लेनदेन का पूरी जानकारी सौंपनी है। इनसे साफ हुआ है कि उन्हें पैसे प्रमोशन और एडवरटाइजमेंट के जरिए दिए गए थे।
सरकार की सख्ती और आगे की कार्रवाई
सूत्रों ने बताया कि प्रॉपर्टी कुर्क करने के ऑर्डर पास करने के बाद एजेंसी इसे धनशोधन निवारण कानून (PMLA) के अंडर आगे की कार्रवाई करेगी। मंजूरी मिलने के बाद अदालत से ऑफिशिली रूप से इन प्रॉपर्टीज को जब्त करने का प्रोसेस शुरू होगा।
इसी बीच केंद्र सरकार ने हाल ही में नया कानून लाकर भारत में "ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग" पर बैन लगा दिया है। माना जा रहा है कि सरकार की इस सख्ती के चलते ED की जांच और ज्यादा तेज हो गई है।


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