मुंबई हमलों की मार फ़िल्मों पर भी

इस हमले से जहाँ पूरा देश सकते में और उत्तेजित था वैसे में सिनेमा देखने जाने में किसी की रुचि नहीं थी.
हर व्यक्ति टीवी से चिपका हुआ था. टीवी चैनलों पर जिस तरह से पल-पल की खबरें दिखाईं जा रही थीं उससे किसी का भी ध्यान इस घटना से नहीं हट सका.
नतीजा ये हुआ कि पिछले सप्ताह रिलीज़ हुई ओए लकी लकी ओए, सॉरी भाई जैसी अच्छी फ़िल्मों को दर्शक ही नहीं मिल सके.
हालाँकि ओए लकी.. को समीक्षकों ने सराहा है लेकिन बॉक्स ऑफिस पर फ़िल्म का कलेक्शन बहुत मामूली रहा है. सॉरी भाई की बात करें तो उसका हाल तो और ही बुरा रहा.
उधर सुभाष घई की फ़िल्म युवराज फ़्लॉप फ़िल्मों की सूची में शामिल हो चुकी है. सलमान ख़ान और कटरीना कैफ़ के बावजूद फ़िल्म को दर्शकों ने नकार दिया.
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गायक नील
पता चला है कि नील नितिन मुकेश ने हाल ही में जहाँगीर सुर्ती की फ़िल्म आ देखें ज़रा के लिए एक गीत रिकॉर्ड किया.
नील अब गायकी में भी हाथ आज़मा रहे हैं
गीत के बोल भी आ देखें ज़रा ही है. नील ने जो गीत गाया है वो एक रीमिक्स वर्जन है. उनके इस गाने को संगीत दिया है प्रीतम ने.
इस फ़िल्म का पहले जो नाम रखा गया था वो था फ़्रीज़. आपको याद होगा कि ये गीत मूल रूप से 1981 में आई संजय दत्त और टीना मुनीम की फ़िल्म रॉकी का है.
वैसे ख़ुशी की बात ये है कि नील मुकेश ने अपने पिता नितिन मुकेश और दादा मुकेश की गायकी की परंपरा को आगे बढाया है.
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हम साथ-साथ हैं
मणिरत्नम और एआर रहमान ने एक साथ मिलकर काफी म्यूज़िकल हिट्स दी है. जैसे रोजा, बांबे, दिल से, युवा और गुरु.
रावण के लिए भी संगीत दे रहे हैं रहमान
जब कभी मणिरत्नम किसी फ़िल्म के बारे में सोचते हैं तो फ़िल्म के संगीत के लिए रहमान उनकी पहली पसंद होते हैं.
अब सुनने में आ रहा है कि एआर रहमान मणिरत्नम की अगली फ़िल्म रावण में अपनी उन धुनों का इस्तेमाल करने जा रहे हैं जो उन्होंने एक दूसरी फ़िल्म लाजो के लिए तैयार की थी.
यहाँ आपको बता दें कि लाजो का निर्माण अभी किन्हीं वजहों से नहीं हो सका है.
इस फ़िल्म में आमिर ख़ान और करीना कपूर मुख्य भूमिकाओं में थे. यहाँ एक बात तो तय है कि अगर रावण का संगीत हिट हुआ तो आमिर और करीना को बड़ा मलाल होगा.
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गुलज़ार की पहल
गुलज़ार ने लिखे हैं ये ख़ास गाने
सुनने में आ रहा है कि गुलज़ार अब युवकों को एड्स के प्रति जागरूक करेंगे. गुलज़ार के इन गीतों को गायक शान आवाज़ देंगे.
राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) ने उनसे निवेदन किया था कि वो इस मुद्दे से जुड़े गीत लिखें.
एड्स के प्रति जागरूकता के प्रसार के लिए संगीत वीडियो का निर्देशन शांतनु मोइत्रा ने किया है. इस वीडियो का नाम 'यहाँ कुछ सपने रहते हैं, तुम्हारे अपने रहते हैं' रखा गया है.
बॉलीवुड पहले से ही एड्स के प्रति जागरूकता फैलाने का काम करता रहा है. 'फिर मिलेंगे' और 'माई ब्रदर निखिल' जैसी फ़िल्में एड्स विषय पर ही आधारित थी.
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बिंदास विनय
विनय पाठक का अंदाज़ बिल्कुल बिंदास है. हाल ही में उनसे एक इंटरव्यू के लिए मिलने का मौक़ा मिला.
विनय पाठक को काफ़ी सराहना मिली है
विनय काफ़ी मज़ाक के मूड में दिख रहे थे. अब हुआ कुछ यूं कि जब भी कोई पत्रकार उनसे कुछ सवाल पूछे पाठक साब उसका उल्टा-पुल्टा ही जवाब दें.
विनय की अगली फ़िल्म ओ माई गॉड इसी सप्ताह रिलीज़ हुई है.
एक पत्रकार ने जब उनसे ये पूछा कि फ़िल्म में आपका कैरेक्टर क्या है तो विनय ने चुटकी लेते हुए कहा कि जी मेरे कैरेक्टर के बारे में बिल्कुल शक मत कीजिएगा मेरा कैरेक्टर तो काफ़ी अच्छा है.
फिर पूछा गया कि ये बताइए इस कैरेक्टर और आपमें क्या समानता है तो विनय ने मज़ाकिया लहजे में जवाब देते हुए कहा- सब कुछ समान हैं लेकिन केवल एक बात जो अलग है वो ये कि दूबे जी को पैसे से प्यार नहीं है मुझे बहुत प्यार है.
वैसे आपको यहाँ बता दूँ कि पिछले कुछ समय से विनय पाठक की अभिनय की काफ़ी तारीफ़ हो रही है और ऐसे में उनका ये दिलचस्प और मिलनसार व्यक्तित्व उन्हें और कलाकारों से काफ़ी आगे खड़ा कर देता है.


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