प्रभावशाली भूमिकाओं की कमी: डॉली
फिल्म 'विकी डोनर', 'लव शव ते चिकन खुराना' से ख्याति पा चुकीं बॉलीवुड अभिनेत्री डॉली आहलुवालिया का कहना है कि आज यहां वरिष्ठ महिला कलाकारों के लिए काफी गिनीचुनी भूमिका ही उपलब्ध हैं।
उनका मानना है कि पहले के दौर में महिलाओं के पास मजबूत किरदार होते हैं, लेकिन अब ऐसा नहीं है।

उन्होंने आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा, "इन दिनों महिला कलाकारों के लिए बहुत ज्यादा भूमिकाएं नहीं हैं और आज की फिल्मों में मां का महत्व कम हो गया है। 60 के दशक में मां केंद्रीय भूमिका में होती थीं लेकिन अब यह खत्म हो रहा है।"
डॉली को हालांकि विश्वास है कि समय के साथ यह दौर भी गुजर जाएगा।
उन्होंने कहा, "मैं इस बदलाव को गलत नहीं मानूंगी लेकिन यह दौर है जिससे हर किसी को गुजरना पड़ रहा है। यह बदलता रहेगा।"
डॉली जल्द ही शशांत ए.शाह निर्देशित फिल्म 'बजाते रहो' में नजर आएंगी, जिनमें उनके साथ विनय पाठक, रणवीर शौरी, तुषार कपूर, विशाखा सिंह और रवि किशन होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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