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#Phantom: वाकई पाकिस्तान में घुस कर 26/11 का बदला ले पाए सैफ-कैट?

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#Phantom सैफ अली खान और कैटरीना कैफ स्टारर फैंटम पर नतीजा आना अभी बाकी है लेकिन फिल्म पर प्रतिक्रिया मिली जुली आ रही है। फिलहाल फिल्म ज़्यादातर लोगों को पसंद आ रही है क्योंकि फिल्म तेज़ है और फिल्म में कमियां निकालने का मौका, फिल्म देखने के दौरान कतई नहीं मिलेगा। इसका एक मतलब साफ है कि फिल्म इंटरटेनिंग तो है। लेकिन इसका ये कतई मतलब नहीं है कि फिल्म में कमियां नहीं है।

फैंटम एक अच्छी कहानी के साथ एवरेज फिल्म है। बजरंगी भाईजान के बिल्कुल उलट। बजरंगी भाईजान एक एवरेज कहानी के साथ अच्छी फिल्म थी। फैंटम में ज़मीनी स्तर पर कोई हकीकत नहीं है। पर यही फिल्म की सबसे बड़ी हकीकत थी। एक कहानी जो सच होनी चाहिए थी। लेकिन कबीर खान कुछ कारणों से इसे एक उम्दा फिल्म बनाने में चूक गए हैं - 
 

अच्छी कहानी पर एवरेज फिल्म

अच्छी कहानी पर एवरेज फिल्म

फिल्म की कहानी जितनी उम्दा है फिल्म की ट्रीटमेंट उतनी ही एवरेज है। जानिए क्या था जो दर्शक पचा नहीं पाए।

काश अच्छी बनाते फिल्म

काश अच्छी बनाते फिल्म

फिल्म की कहानी का टैगलाइन था - एक कहानी जो आप मनाएंगे की सच हो। दर्शकों ने फिल्म को कहा - एक फिल्म जो आप चाहते थे कि अच्छी हो!

मिसकास्ट

मिसकास्ट

हालांकि सैफ ने अच्छा काम किया है लेकिन फिर भी फैंटम उनकी फिल्म नहीं थी। वो हमेशा एक नवाब ही लगते हैं और वॉर फिल्म में वो बेतुके लग रहे थे।

कैट का मोह

कैट का मोह

कबीर खान को कैट से काफी मोह है समझ में आता है पर फिल्म से क्यों नहीं है। सैफ की ही तरह कैट भी कहीं से रॉ एजेंट के किरदार निभाने के लिए नहीं बनी हैं।

केवल डायलॉग

केवल डायलॉग

पाकिस्तान में घुस कर उन्हें मारेंगे - ये सुन कर जिसका खून खौला था वो सब ठंडा पड़ गया। क्योंकि फिल्म में ऐसा कुछ हुआ ही नहीं।

कैटरीना का बचपना

कैटरीना का बचपना

कैट का एंगल इतना बचकाना है कि हंसी आ जाए। बचपन में वो अपने पापा के साथ ताज होटल में चाय पीने जाती थीं।

सैफ की कहानी का नो लॉजिक

सैफ की कहानी का नो लॉजिक

सैफ एक पूर्व आर्मी ऑफिसर हैं या यूं कहें कि निष्कासित आर्मी ऑफिसर। हालांकि उनकी बैक स्टोरी को कबीर खान ने इतना बेतुका बनाया है कि आप हैरान रह जाएंगे।

भारी दृश्यों का हल्का ट्रीटमेंट

भारी दृश्यों का हल्का ट्रीटमेंट

फिल्म में गंभीर दृश्यों का ट्रीटमेंट इतने मज़ाकिया तरीके से किया गया है कि लगेगा कि ही नहीं कि गंभीर मसला चल रहा है।

झूठा एक्शन

झूठा एक्शन

फिल्म में एक्शन के नाम पर ज़्यादा कुछ है ही नहीं। जितना ट्रेलर में दिखा वोे कोई वार नहीं थी, बल्कि सीरिया युद्ध के कुछ दृश्य हैं जिनका कहानी से सीधा कोई वास्ता नहीं है।

बेतुके आइडिया

बेतुके आइडिया

फिल्म काल्पनिक ये तो ठीक है पर कल्पना भी वही अच्छी लगती है जिसका वास्तविकता से कुछ तो संबंध हो!

जानिए क्यों देखें फिल्म

जानिए क्यों देखें फिल्म

हालांकि कोई शक नहीं कि फिल्म एवरेज है। अपनी कमियों के साथ। और जानिए --->[क्यों देखें और क्यों ना देखें फैंटम]

English summary
Did Kabir Khan's Phantom really impressed the audience.
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